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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 05, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वर्ल्‍ड रिकार्ड के लिए एकत्र किए थे खास नोट, नोटबंदी से टूटा सपना

By Sunil NegiEdited By:
Published: Mon, 05 Dec 2016 09:17 AM (IST)Updated: Tue, 06 Dec 2016 06:40 AM (IST)

व्यापारी डॉ. प्रमोद अग्रवाल गोल्डी ने विशेष नंबर वाले नोट जमा कर रहे हैं। इसमें खास है 420 व 786 ...और पढ़ें

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हल्द्वानी, [गोविंद सनवाल]: इंसान का शौक और जुनून ही उसे अलग बनाता है। हल्द्वानी के व्यापारी डॉ. प्रमोद अग्रवाल गोल्डी भी एक ऐसा नाम हैं, जिन्हें संग्रह का शौक है। 56 साल के गोल्डी पिछले 40 साल से विशेष नंबर वाले नोट जमा कर रहे हैं। इसमें खास है 420 व 786 नंबर वाले नोट। गोल्डी की वर्षों की मेहनत और इस खास संग्रह पर नोटबंदी की नजर लग गई है। अब भारी मन से गोल्डी 500 व 1000 रुपये के उन नोटों को बैंक में जमा करा रहे हैं, जो चलन से बाहर हो गए हैं। कुल 8.50 लाख रुपये के संग्रह में 4.56 लाख रुपये मूल्य के बंद हो चुके पांच सौ व एक हजार के नोट हैं।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड बनाने का सपना देख रहे गोल्डी को नोटबंदी के कारण जोर का झटका धीरे से लगा है। दरअसल, गोल्डी ने 420 व 786 सीरीज सहित तमाम स्पेशल नंबर वाले नोटों के संग्रह का ब्योरा मई 2016 में गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में प्रविष्टि के लिए भेजा था। आठ नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी की नोटबंदी की घोषणा हुई तो डॉ. गोल्डी ने सबसे पहले अपने संग्रह पर ही नजर दौड़ाई।

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तब से असमंजस में चल रहे गोल्डी को उनकी पत्नी अनीता ने भी समझाया। अब आखिरकार गोल्डी ने फिर अपने संग्रह को खंगाला। इसमें 500 व 1000 के 844 नोट (4.56 लाख) वापस करने के लिए रख लिए है। डॉ. गोल्डी कहते हैं कि पीड़ा इस बात कि है कि नोटबंदी की वजह से उनका गिनीज रिकार्ड बनने से पहले ही कहीं टूट न जाए।

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50 हजार के बंद हो चुके नोट सिर्फ रिकार्ड की खातिर रहेंगे संग्रह में
गोल्डी का संग्रह का जुनून नोटबंदी के बावजूद भी पूरी तरह खत्म नहीं होने वाला। इसमें खास संग्रह है आजाद भारत के बाद आरबीआइ के सभी 24 गवर्नरों के हस्ताक्षर वाले 786 व 420 सीरीज के नोट। इस संग्रह में 500 व 1000 रुपये वाले करीब 65 नोट ऐसे हैं जिन्हें गोल्डी बैंक को भी वापस नहीं करेंगे। हालांकि वर्ष 1996 में 500 और वर्ष 2000 में 1000 का नोट जारी हुआ है, लेकिन उसके बाद भी 55 हजार रुपये मूल्य वर्ग के नोट रिकार्ड को बनाए रखने के लिए जरूरी हैं।

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गोल्डी का संग्रह
-ग्रुप नंबर 0101 से लेकर 9999 तक : 800 नोट
-वर्ष 1901 से 2016 तक के एक से 2000 रुपये तक के 633 नोट
-100 रुपये मूल्य वाले 826 ऐसे नोट जिनका अंतिम सीरीज नंबर भी 100 है
-स्टार चिन्ह वाले150 नोट
-मिसप्रिंट नोट 34
-संग्रह में अब 786 वाले 2202 नोट
-संग्रह में अब 420 वाले 2746 नोट

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यह संग्रह रहेगा सदाबहार
डॉ. गोल्डी को नोट ही नहीं बल्कि ऑटोग्राफ व फोटोग्राफ संग्रह का भी शौक है। उन्होंने अब तक 2000 ऑटोग्राफ व 20000 फोटोग्राफ सहेज रखे हैं। इनमें राजनेता, अभिनेता, खिलाड़ी, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति शामिल हैं।

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