यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर सुरजीत रावत ने उत्तराखंड का नाम किया रोशन, जानिए
काशीपुर के कुंडेश्वरी स्थित आदर्श नगर निवासी वीरेंद्र सिंह के पुत्र सुरजीत रावत ने 21 मई को माउंट एवरेस्ट पर ...और पढ़ें

काशीपुर, जेएनएन : पौड़ी गढ़वाल के मूल निवासी सुरजीत सिंह रावत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। काशीपुर के कुंडेश्वरी स्थित आदर्श नगर निवासी वीरेंद्र सिंह के पुत्र सुरजीत रावत ने 21 मई को माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर भारत के साथ ही उत्तराखंड का नाम रोशन कर दिया। सुरजीत गृह मंत्रालय में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। सोमवार को ही वह तिरंगा फहराकर सुरक्षित अपने घर लौटे हैं।
जागरण से बातचीत में बताया कि वर्ष 2011 से ही वह पर्वतारोहण के क्षेत्र से भी जुड़े हैं। यह उनका शौक है। उन्होंने पर्वतारोहण का एडवांस व बेसिक कोर्स भारत में ही किया है। इसके पूर्व भी वह जम्मू-कश्मीर व सिक्किम तथा हिमालय में भी करीब 7000 मीटर से ऊंची चोटियां फतह कर चुके हैं। इस बार सुरजीत 11 सदस्यीय अखिल भारतीय पुलिस दल का हिस्सा थे और इन्होंने विश्व रिकार्डधारक सेरपा कामीरिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराया। उनके वापस आने के बाद से ही उनके परिवारवाले व मित्रगण आदि अपने को काफी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
उपलब्धि का श्रेय माता-पिता व पत्नी को दिया
सुरजीत ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता व पत्नी को देते हुए कहा कि उनके सहयोग व प्रेम के बिना माउंट एवरेस्ट पर पहुंच पाना संभव नहीं था। उनके परिजनों ने लगातार उन्हें प्रेम व सहयोग देते हुए उत्साहवर्धन किया है। उनकी पत्नी हेमा काशीपुर स्टेडियम में वॉलीबाल कोच हैं।