पिथौरागढ़, जेएनएन : सीमांत जिले पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय को पेयजल उपलब्ध कराने वाली घाट पम्पिंग पेयजल योजना के पुनर्निर्माण का कार्य लटक गया है। गुरना मंदिर क्षेत्र में आलवेदर रोड के लिए चट्टान कटिंग का कार्य धीमी गति से चल रहा है। जब तक चट्टान कटिंग का कार्य पूरा नहीं हो जाता तब तक पाइप लाइन बिछाने का कार्य सम्भव नहीं है। मानसून काल शुरू होने से पूर्व चट्टान कटिंग का कार्य पूरा नहीं होने के कारण पेयजल लाइन बिछाने का कार्य फिलहाल शुरू नहीं हो पाएगा।

1980 में हुआ था घाट पम्पिंग योजना का निर्माण

वर्ष 1980 में निर्मित घाट पम्पिंग पेयजल योजना को एशिया की सबसे बड़ी पम्पिंग पेयजल योजना बताया जाता है। घाट में 454 मीटर की ऊंचाई पर बहने वाली सरयू नदी से पानी पंप कर चार पम्पों के माध्यम से पानी 1575 मीटर की ऊंचाई पर पिथौरागढ़ के हनुमान मंदिर पम्प तक पहुंचाया गया।

 

पानी पंप कर पहुंचाया जाता है नगर में

हनुमान मंदिर पम्प से पानी पम्प कर नगर के अन्य टैंकों तक पहुंचाकर नगर में वितरित किया जाता है। घाट पम्पिंग योजना से मिलने वाला पानी नगर में बढ़ती जनसंख्या को देखते कम पड़ने से बीते वर्षो में रामगंगा नदी से आवलाघाट नामक स्थान से एक नई आवलाघाट पम्पिंग पेयजल बनी। इस योजना से नगर को छह एमएलडी पानी मिल रहा है। घाट पेयजल योजना से चार एमएलडी मिलता है।

 

ऑलवेदर निर्माण में ध्वस्त हुई पेयजल योजना

घाट पम्पिंग पेयजल योजना की साढ़े सात किमी पाइप लाइन टनकपुर तवाघाट हाईवे किनारे बिछी थी। हाईवे को आलवेदर बनाया जा रहा है। आलवेदर रोड कटिंग से साढ़े सात किमी पाइप लाइन ध्वस्त हो गई। विगत एक वर्ष से इस योजना में पानी चलना बंद है। जल संस्थान द्वारा पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने पर आलवेदर सड़क के कार्यदायी विभाग एनएच को क्षति के साढ़े पांच करोड़ की क्षतिपूर्ति की नोटिस थमाई। एनएच ने साढ़े तीन करोड़ की धनराशि जल संस्थान को भुगतान कर दी है।

 

वर्ष के अंत तक योजना का मिल सकता है लाभ

जल संस्थान द्वारा चार किमी पाइप लाइन बिछा दी गई है। इधर अब आलवेदर रोड के लिए गुरना मंदिर क्षेत्र में चट्टान कटिंग का कार्य चल रहा है। कठोर चट्टाने होने से कटिंग कार्य की गति धीमी है और मानसून काल करीब है। कटिंग पूरी नहीं होने तक पेयजल लाइन बिछाना सम्भव नहीं है। पेयजल लाइन बिछाने में दो से तीन माह का समय लग सकता है। रोड कटिंग के कार्य को देखते इस वर्ष के अंत तक ही घाट योजना का पानी नगरवासियों को उपलब्ध हो पाएगा।

 

छह एमएलडी पानी पर ही निर्भर नगरवासी

नगरवासियों को आवलाघाट योजना से मिल रहे छह एमएलडी पानी पर ही निर्भर रहना होगा। नगर सहित नगर से लगे गावों के लिए दस एमएलडी पानी की जरूरत है। जरूरत को पूरा करने के लिए आवलाघाट पम्पिंग योजना बनाई गई। इस पेयजल योजना में पानी चलते ही 4 एमएलडी वाली घाट पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने से बंद हो गई।

 

चार किमी लाइन बिछाई गई

पिथौरागढ़ के अधिशासी अभियंता जल संस्थान अशोक कुमार ने बताया कि जल संस्थान ने पाइपलाइन बिछाने के लिए पूरी तैयारी की है। चार किमी लाइन बिछा दी है। एनएच जैसे ही गुरना के पास कटिंग का कार्य पूरा करेगा संस्थान पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से करेगा।पाइप और अन्य सामग्री क्रय कर रखी गई है।

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