हल्द्वानी, जेएनएन : हैलो शर्मा जी! नमस्कार, मैं नरेंद्र मोदी बोल रहा हूं...यह आवाज सुन देवलचौड़ निवासी पूरन चंद्र शर्मा चौंक गए। एक पल के लिए उन्हें लगा कि अचानक यह कैसे, लेकिन आवाज तो मोदीजी की ही है। इतने में पीएम बोले, शर्मा जी आप कैसे हैं। आपका स्वास्थ्य ठीक है। यह सुन 74 वर्षीय पूरन शर्मा बोले, ठीक है। बस, आपकी कृपा है। इसके साथ ही उन्होंने बाल मिठाई के बारे में भी पूछा।

शुक्रवार की सुबह 10 बजे कुशलक्षेम जानने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पूरन शर्मा से अल्मोड़ा के बारे में पूछा, अल्मोड़ा में सब ठीक है। उत्तराखंड में सब ठीक है। शर्मा का जवाब था, यहां सब ठीक है। कोरोना वायरस के संक्रमण के संदर्भ में उन्होंने जवाब दिया कि यहां पर ज्यादा दिक्कत नहीं है। पीएम ने अल्मोड़ा की याद ताजा कर आगे कहा, अल्मोड़ा की बाल मिठाई की बहुत याद आती है। मोदी के इस बात पर शर्मा ने कहा कि बहुत दिन हो गए हैं। आप आए नहीं। इसी के साथ शर्मा ने उन्हें अल्मोड़ा आने का आमंत्रण भी दिया। शर्मा राज्य गठन के समय वर्ष 2000 में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहे। इससे पहले अल्मोड़ा से विधायक रहने के साथ ही पर्वतीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आम आदमी के बारे में सोचते हैं।

मोदी ने पूछा अल्मोड़ा का इतिहास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर उत्तर प्रदेश की कल्याण सरकार में पर्वतीय विकास मंत्री रहे वरिष्ठ भाजपा नेता पूरन चंद्र शर्मा का हाल जाना। कुशलक्षेम पूछी। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा की जानकारी ली और इस पुरातन नगर का इतिहास व विशेषताएं भी जानीं। वरिष्ठ भाजपा नेता पूरन चंद्र शर्मा के पास शुक्रवार को मोदी का फोन आया। हालचाल जानने के बाद  उत्तराखंड के बारे में जानकारी ली। फिर अल्मोड़ा के बारे में काफी देर चर्चा की। पीएम मोदी ने अल्मोड़ा की बाल मिठाई का जिक्र किया। इस मिठाई की खूबी जानी। बनाते कैसे हैं यह भी जाना। वरिष्ठ भाजपा नेता ने बिंदुवार जानकारी देने के बाद प्रधानमंत्री को अल्मोड़ा आने का न्यौता दिया। इस पर मोदी ने जरूर पूरन जी कह कर भरोसा दिलाया कि कोरोना महासंकट से निपटने के बाद उत्तराखंड का दौरा करने पर अल्मोड़ा आने का भरोसा दिलाया।

आपातकाल में गिरफ्तार किए गए थे पूरनदा

पहाड़ में पूरनदा के नाम से प्रसिद्ध पूरन चंद्र शर्मा पहाड़ के चुनिंदा जनसंघियों में से एक रहे। खांटी जनसंघी व जनता पार्टी के तेजतर्रार नेता सोबन सिंह जीना की संगत में पूरनदा जेपी आंदोलन में शामिल हुए। आपातकाल में जेल में रहे। 1977 में जनसंघ जनता पार्टी बना। तब सोबन सिंह जीना अल्मोड़ा जिलाध्यक्ष तो पूरन चंद्र शर्मा महामंत्री बनाए गए। 1980 में जनता पार्टी ने भाजपा के रूप में जन्म लिया। तब पूरनदा वर्ष 1989 तक जिला महामंत्री रहे। 1991 में राम लहर के प्रचंड वेग में अल्मोड़ा बारामंडल से विधायक चुने गए और उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई कल्याण सिंह की सरकार में पर्वतीय विकास मंत्री बनाए गए। वर्ष 2000 में उत्तरप्रदेश से अलग होकर उत्तराखंड नया राज्य बना तो अटल बिहारी वाजपेयी व लाल कृष्ण आडवाणी की संयुक्त संस्तुति पर पहले प्रदेश अध्यक्ष बनने का गैरव भी पूरनदा के नाम जुड़ा है। वर्तमान में वरिष्ठ भाजपा नेताओं में शुमार स्थायी समिति सदस्य पूरनदा हल्द्वानी के देवलचौड़ में रहते हैं।

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Edited By: Skand Shukla