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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Lockdown Day 6 : दूसरे प्रदेशों से हल्‍द्वानी पहुंचे लोगों की रात में उम्मीद टूटी, सुबह सब्र ने दिया जवाब

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Mon, 30 Mar 2020 07:48 PM (IST)Updated: Mon, 30 Mar 2020 10:14 PM (IST)

सीएम के पुराने आदेश ने जहां बाहर से आकर हल्द्वानी पहुँचे पहाड़ के लोगों में उम्मीद जगाई थी। वहीं दूसरे आदेश ने उनके सब्र का बांध तोड़ दिया।

Uttarakhand Lockdown Day 6 : दूसरे प्रदेशों से हल्‍द्वानी पहुंचे लोगों की रात में उम्मीद टूटी, सुबह सब्र ने दिया जवाब
Uttarakhand Lockdown Day 6 : दूसरे प्रदेशों से हल्‍द्वानी पहुंचे लोगों की रात में उम्मीद टूटी, सुबह सब्र ने दिया जवाब

हल्द्वानी, जेएनएन : सीएम के पुराने आदेश ने जहां बाहर से आकर हल्द्वानी पहुँचे पहाड़ के लोगों में उम्मीद जगाई थी। वहीं, दूसरे आदेश ने उनके सब्र का बांध तोड़ दिया। गौलापार से सुबह इन्हें हल्द्वानी स्पोर्टर्स स्टेडियम शिफ्ट कर दिया गया। यहाँ जब पता चला कि अब ट्रांसपोर्ट सेवा बंद हो चुकी है लिहाजा यही रोकना पड़ेगा तो कुछ लोग आक्रोशित हो गए। पुलिस-प्रसाशन को खरी-खोटी सुनाने के साथ भिड़ने को उतारू हो गए। मजबूरी में पुलिस को कुछ लोगों संग सख्ती बरतनी पड़ी। जिसके बाद मामला शांत हुआ।

प्रदेश में पहले 31 मार्च को परिवहन की छूट दी गई थी। जिसके बाद रविवार को बस या अन्य साधनों से हल्द्वानी पहुँचे यात्रियों को प्रशासन ने सरकारी गाड़ियों से गौलापार बागजाला शिफ्ट कर दिया था। यहाँ रहने-खाने का इंतजाम किया गया था। मेडिकल जांच के बाद इन्हें घर भेजा जाता। लेकिन रविवार रात ही शासन से नया आदेश जारी हुआ। जिसमें पूर्ण लॉकडाउन यानी वाहनों के संचालन में प्रतिबंध लगा दिया गया। जिसके बाद बागजाला में रोके गए कुछ लोगों को रात में बाकियों को सोमवार सुबह स्टेडियम लाया गया।

तहसीलदार पीआर आर्य के मुताबिक करीब 250 लोगों को यहाँ ठहराने की व्यवस्था की गए। सुबह जब लोगों को पता चला कि 14 दिन यही रहना पड़ेगा तो सभी गुस्सा गए। जिसके बाद एसडीएम विवेक राय, सीओ शांतनु पराशर, तहसीलदार पीआर आर्य व कोतवाल संजय कुमार के सामने कुछ लोगों ने बखेड़ा खड़ा कर दिया। पुलिसकर्मियों ने काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग नहीं माने। बाद में मजबूरी में पुलिस चार लोगों को पकड़कर ले गई। जिसके बाद मामला शांत हुआ। वहीं, एसएसआई कश्मीर सिंह ने बताया कि थोड़ी देर में इन्हें वापस स्टेडियम पहुँचा दिया था।

पीड़ा: अपने घर में ही फंसे

स्टेडियम में रखे गए लोग दिल्ली, हरियाणा और यूपी से पहुँचे थे और इन्हें पहाड़ निकलना था। रास्ते में इन्हें किसी ने नहीं रोका लेकिन यहाँ आकर अटक गए। ऐसे में सभी की जुबान पर एक ही पीड़ा थी कि हम अपने राज्य में क्यों रोके गए हैं।

सुबह संगठन शाम को सरकारी खाना

स्टेडियम में लाए गए लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के बाद इन्हें हॉल में एंट्री दी जा रही है। रहने से लेकर खाने की पूरी व्यवस्था की जा रही है। सुबह के वक्त सामाजिक संगठनों द्वारा खाना पहुँचाया गया। रात में ठेकेदार ने भोजन बनाना शुरू कर दिया। वहीं, नाराज लोगों द्वारा खाने के पैकेट फेंकने पर सेवा करने आए लोग भी नाराज दिखे।

कुछ को रिश्तेदारों के सुपुर्द किया

स्पोर्ट्स स्टेडियम से पांच-सात लोगों को उनके रिश्तेदारों के सुपुर्द भी किया गया। नंबर व पता बताने पर टीम ने इनके स्थानीय मददगारों को बुलाया। बाहरी युवकों का मेडिकल चेकअप करने के बाद रिश्तेदारों से कहा गया कि 14 दिन तक इन्हें घर पर रखें।

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