भीमताल, जेएनएन : यहां एक  पैराग्लाइडिंग कंपनी को उड़ान भरने की अनुमति मिलते ही रविवार से यहां पैराग्लाइडिंग की उड़ान प्रारंभ हो गयी है। पैराग्लाइडरों ने यहां पांडेगांव की पहाड़ी से उड़ान भरी। पैराग्लाइडिंग पुन: शुरू होने से यहां आने वाले पर्यटकों को इसके रोमांच का आनंद उठाने का अवसर मिलेगा। इससे यहां के पर्यटन व्यवसाय को भी पंख लगेंगे। 

शासन की साहसिक पयर्टन नीति के तहत बरसात के मौसम में पैराग्लाइडिंग की उड़ान को प्रतिबंध कर दिया जाता है। इसके लिए 30 जून की तिथि नियत की गई है। दोबारा पैराग्लाइडिंग शुरू करने के लिए शासन स्तर से फिर अनुमति लेनी पड़ती है। वर्तमान में ईगल आइ एडवेंचर संस्था को पैराग्लाइडिंग की अनुमति मिली है। संस्था ने रविवार से इसका आगाज कर दिया है। आने वाले दिनों में कुछ और संस्थाओं को इसकी अनुमति मिलने क आसार हैं। इसके बाद भीमताल की कुछ और साइट पर भी पैराग्लाइडिंग शुरू हो जाएगी। 

बताया जा रहा है कि कुछ स्थानीय उद्यमियों ने नई साइट पर पैराग्लाइडिंग के लिए शासन स्तर पर जरूरी दस्तावेज जमा किए हैं। अक्टूबर माह के दूसरे सप्ताह तक शासन स्तर पर गठित तकनीकी टीम साइट का निरीक्षण करने पहुंचने वाली है। इस दौरान पायलटों की परीक्षा तथा आवेदन कर्ताओं द्वारा दर्शाई गई साइट का निरीक्षण होगा। निरीक्षण के बाद ही नई साइट को अनुमति मिल पाएगी। 

नगर पंचायत अध्यक्ष ने शासन को भेजा पत्र

भीमताल नगर पंचायत अध्यक्ष देवेन्द्र चनौतिया ने शासन को पत्र भेजकर जनपद में साहसिक गतिविधियों के संचालन से संबंधित औपचाारिकताओं के लिए जनपद स्तर पर ही समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है। पर्यटन सचिव को भेजे गए पत्र में नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा है कि साहसिक गतिविधियों से संबंधित दस्तावेज जनपद स्तर पर ही जमा होने की सुविधा मिलने से इस व्यवसाय से जुड़े उद्यमियों को देहरादून के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे उनके समय तथा अनावश्यक खर्च की बचत होगी। इधर जनपद स्तर पर ही सारी कार्यवाही संपन्न कराने की मांग का अन्य साइट संचालकों ने भी स्वागत किया है। 

सिर्फ एक साइट को ही मिली अनुमति 

जसपाल चौहान, साहसिक पर्यटन अधिकारी, देहरादून ने बताया कि पैराग्लाइडिंग के लिए जो साइट पहले से संचालित थी उनमें से वर्तमान में केवल एक साइट को ही अनुमति दी गई है। अन्य साइट के आवेदन आने पर ही उनको भी अनुमति दी जाएगी। नई साइट के लिए अक्टूबर माह के पहले और दूसरे सप्ताह के मध्य तकनीकी टीम आकर निरीक्षण करेगी। निर्धारित मानकों को पूर्ण करने पर उन्हें भी अनुमति दे दी जाएगी।

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Posted By: Skand Shukla

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