Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    नैनीताल के अधिवक्ता सिद्धार्थ साह उत्तराखंड हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त, शहर में खुशी का माहौल

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 10:24 PM (IST)

    नैनीताल के अधिवक्ता सिद्धार्थ साह को उत्तराखंड हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। विधि एवं न्याय मंत्रालय ने राष्ट्रपति की मंजूरी के ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    अधिवक्ता सिद्धार्थ साह को उत्तराखंड हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया।

    जागरण संवाददाता, नैनीताल: शहर निवासी अधिवक्ता सिद्धार्थ साह को उत्तराखंड हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से हाई कोर्ट का जज नियुक्त किये जाने की अधिसूचना राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद जारी कर दी गई है।

    भारत सरकार के कानून और न्याय मंत्रालय ने सोमवार को सिद्धार्थ साह को उत्तराखंड हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति की ओर से जारी इस अधिसूचना के अनुसार, यह नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 224 के खंड (1) के तहत प्रदान की गई शक्तियों का उपयोग करते हुए की गई है।

    साह वर्तमान में अधिवक्ता के रूप में उत्तराखंड हाई कोर्ट में अपनी सेवाएँ दे रहे थे। उनकी इस नियुक्ति की सूचना उत्तराखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के सचिवालयों को आधिकारिक तौर पर भेज दी गई है।

    भारत सरकार के संयुक्त सचिव जगन्नाथ श्रीनिवासन के हस्ताक्षरित आदेश पांच जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के जैसलमेर हाउस से जारी किया गया। 

    चार सितंबर 1971 को जन्मे सिद्धार्थ साह की हाईस्कूल तक की पढ़ाई नैनीताल के सेंट जोजफ कालेज व इंटर की पढ़ाई बिड़ला विद्या मंदिर नैनीताल से हुई है जबकि स्नातक की किरोड़ीमल कालेज दिल्ली से और ला की कुमाऊं विश्विद्यालय के अल्मोड़ा परिसर से हासिल की। उनके पिता एम लएल साह भी अधिवक्ता हैं ।

    साह के बड़े भाई दीपांजन साह एक कम्पनी में बंगलूरु में सेवारत हैं । उनकी पत्नी दीप्ति गृहणी हैं जबकि दो पुत्रियां हैं। अधिवक्ता साह के हाई कोर्ट का जज बनने पर शहर में खुशी का माहौल है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष डीसीएस रावत, महासचिव सौरभ अधिकारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील वशिष्ठ सहित पूर्व अध्यक्ष महेंद्र पाल, भुवनेश जोशी सहित अन्य अधिवक्ताओं ने बधाई दी है।

    यह भी पढ़ें- 'गुजारा भत्ता में पति की विदेशी आय को भारतीय मुद्रा में नहीं बदला जा सकता', दिल्ली हाई कोर्ट का अहम फैसला

    यह भी पढ़ें- हाई कोर्ट की फटकार के बाद बीएमसी आयुक्त ने मानी गलती, छूट के बावजूद जारी किया था निर्देश