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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बादल फटने से तबाही : राम नाम जप कर बीती रात, हलक में अटकी रही सांसे

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Sun, 08 Sep 2019 10:45 AM (IST)Updated: Sun, 08 Sep 2019 07:57 PM (IST)

तल्ला जोहार क्षेत्र प्राकृतिक आपदा झेलता रहा है। बादल फटने के बाद प्रकृति के रौद्र रूप को देख भगवान का स्मरण कर लोगों ने पूरी रात गुजारी।

बादल फटने से तबाही : राम नाम जप कर बीती रात, हलक में अटकी रही सांसे
बादल फटने से तबाही : राम नाम जप कर बीती रात, हलक में अटकी रही सांसे

नाचनी/थल (पिथौरागढ़) जेएनएन : तल्ला जोहार क्षेत्र प्राकृतिक आपदा झेलता रहा है। इस वर्ष मानसून के सामान्य रहने के बाद अचानक बादल फटने की संभावना किसी को नहीं थी। शुक्रवार मध्य रात्रि बाद सीमांत में एक बार फिर प्रकृति ने अपना रंग दिखा ही दिया। सुरक्षित माना जाने वाले टिमटिया गांव आपदा की चपेट में आ गया। एक छोटा सा नाला उग्र नदी बन गया और अपनी चपेट में एक मकान को बहा ले गया। एक साथ हुई बारिश से निकट में बहने वाले रसियाबगड़ नाले ने भी विकराल रूप ले लिया।

उफान पर आए नालों ने टिमटिया गांव और उससे सटे रसियाबगड़ में तबाही की कहानी लिखनी शुरू कर दी। मूसलधार बारिश, कड़कती बिजली, लगातार होते वज्रपातों से पूरा क्षेत्र थर्रा उठा। क्षेत्र में लोग डर के मारे जग गए। प्रकृति के रौद्र रूप को देख भगवान का स्मरण कर लोगों ने पूरी रात गुजारी। इस दौरान क्षेत्र में होने वाले भूस्खलन की आवाज ग्रामीणों को परेशान करती रही। सुबह जब उजाला हुआ तो क्षेत्र का भूगोल ही बदला नजर आया। चारों तरफ भू-कटाव के मंजर, थल-मुनस्यारी मार्ग पर रातीगाड़ के पास बह चुकी सात सौ मीटर सड़क, क्षेत्र में बहने वाले नालों का विकराल रूप, क्षतिग्रस्त मकान, मय फसल के बह चुके और मलबे से पटे खेत तबाही को बयां कर रहे थे। गांवों से कुछ मीटर दूरी पर बहने वाली रामगंगा नदी का बढ़ता जलस्तर उजाले में भी उन्हें डराने लगा।

दूसरी तरफ यही नजारा भुजगड़ नदी घाटी में दिखा। नाचनी के निकट सिमगड़ नाले के कटाव से भुटन गांव में तीन मंजिले मकान हवा में लटक गए। भाजपा नेता दीपू चुफाल का मकान पूरी तरह खतरे में आ गया है। इसी गांव में दीवार तोड़ता विशाल बोल्डर मकान के भीतर घुस गया। गनीमत रही कि इस पत्थर की चपेट में आने से परिवारजन बाल-बाल बच गए। इससे आगे हुपुली गांव में तो भुजगड़ नदी के किनारे नाचनी-बांसबगड़ मार्ग पर खड़ी भरत चुफाल की मैक्स जीप और लक्ष्मण सिंह चुफाल की दो मोटर साइकिल भुजगड़ नदी में बह गई। तल्ला भैंस्कोट गांव में भगत सिंह का मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया। बेलछा गांव में सुरेश जोशी और कुंवर सिंह के मकान की छत पर पर बोल्डर गिरने और नाला बहने से मकानों को खतरा हो गया है। बाथी गूट में पुष्कर सिंह का मकान जमीदोज हो गया।  परिवारजनों के शुक्रवार बाहर होने से जनहानि बच गई परंतु जानवर मलबे में दब गए। राया बजेता गांव में चम्पा देवी मलबे की चपेट में आने से घायल हो गई। गांव का सम्पर्क कट चुका है। सड़क से दस किमी दूरी पर राया, बजेता और गोल गांव का सम्पर्क भंग है। तीनों गांव संचार विहीन हैं।

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