नैनीताल, जेएनएन : मुस्लिम रीति रिवाज के साथ शादी रचा चुके युगल को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश के बाद भी पुलिस चौकी में बैठाने व मारपीट करने के मामले को हाई कोर्ट ने बेहद गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने एसएसपी हरिद्वार को 25 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल, भगवानपुर हरिद्वार निवासी शारिक का गांव की ही युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों ने मुस्लिम रीति रिवाज के साथ शादी कर ली थी। लड़की के परिजनों ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। दोनों ने हाई कोर्ट में सुरक्षा की गुहार लगाई थी तो पिछले साल 12 दिसंबर को कोर्ट ने सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश एसएसपी हरिद्वार को दिए थे। इधर 21 फरवरी को भगवानपुर क्षेत्र की चौकी प्रभारी ने युवक-युवती को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया तो आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई और लड़की को नाबालिग बताते हुए चाइल्ड वैलफेयर कमेटी के हवाले कर दिया। वहां से लड़की को नारी निकेतन भेज दिया गया।

लड़की ने दायर किया था हैबियस कार्पस

लड़की ने पॉक्सो कोर्ट में बयान दर्ज कराया कि उनकी शादी हो चुकी है फिर भी नारी निकेतन भेज दिया गया। युवती की ओर से फिर से हाई कोर्ट में हैबियस कार्पस दायर की गई। बुधवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया व न्यायमूर्ति रमेश चंद्र खुल्बे की खंडपीठ में युवक-युवती पेश हुए तो खंडपीठ ने लड़की की आयु जानने के लिए मेडिकल परीक्षण को बीडी पांडे अस्पताल भेजा।

एसएसपी हरिद्वार को व्‍यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश

कोतवाली के एसआइ दीपक बिष्ट समेत महिला कांस्टेबल की सुरक्षा में लड़की को अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल परीक्षण में उसकी आयु 17.5 वर्ष बताई गई। दोपहर बाद फिर से खंडपीठ ने मामले में सुनवाई की तो मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट पेश की गई। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लड़की को उसके पति के हवाले कर दिया, जबकि कोर्ट के आदेश के बाद भी उनके साथ मारपीट करने को बेहद गंभीरता से लेते हुए एसएसपी हरिद्वार को 25 मार्च को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें : सचिव आपदा प्रबंधन व डीएम बागेश्वर को हाई कोर्ट ने जारी किया अवमानना नोटिस

यह भी पढ़ें : शराब से मौतों के मामले में पीआइएल दायर करने वाले को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश

Posted By: Skand Shukla