नैनीताल, [जेएनएन]: हाई कोर्ट ने एनएच मुआवजा घोटाला के मुख्य आरोपित ऊधमसिंह नगर के पूर्व भूमि अध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह की एक अन्य याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से 26 मार्च तक जवाब दाखिल करने के आदेश पारित किए हैं। 

दरअसल घोटाले की जांच कर रही एसआइटी ने डीपी सिंह पर आरोप तय किया गया कि उनके द्वारा बिल्डर प्रिया शर्मा व सुधीर चावला के साथ मिलकर देवरिया किच्छा ऊधमसिंह नगर में खसरा नंबर- 271, 272 व 273 का इकरारनामा सतनाम सिंह के साथ किया। उक्त इकरारनामा गलत भूमि का मुआवजा लेने के लिए किया गया। जबकि उक्त खसरा नंबर वाली जमीन का  2014 में नेशनल हाइवे द्वारा एनएच के लिए अधिग्रहण कर लिया गया था। इसके उपरांत डीपी के साथ प्रिया व सुधीर चावला के मध्य भूमि का मुआवजा छह हजार प्रति वर्ग मीटर करने को लेकर पत्राचार हुआ था।

सतनाम सिंह का कहना था कि पत्राचार डीपी, प्रिया व सुधीर के बीच हुआ, उन्होंने भूमि के रेट बढ़ाने के लिए कोई पत्राचार नहीं किया। इकरारनामे की शर्तों के अनुसार भूमि का मुआवजा द्वितीय पक्ष प्रिया शर्मा व सुधीर चावला को दिया जाना था। इस मामले में एसआइटी द्वारा 28 जनवरी को डीपी सिंह व अन्य के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया। इस मुकदमे को रद कर गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने की मांग को लेकर डीपी सिंह द्वारा याचिका दायर की गई है। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद सरकार को 26 मार्च तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।

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Edited By: Sunil Negi

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