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    बागेश्वर में अतिवृष्टि : भारी बारिश से पुल बहा, मकान ध्वस्त-सड़कें बनी गधेरे, कई रास्तों पर आवाजाही बंद

    By Rajesh VermaEdited By:
    Updated: Sun, 11 Sep 2022 04:04 PM (IST)

    बागेश्वर के कपकोट इलाके में बीती रात से भारी वर्षा ने मुसीबतें खड़ी कर दी है। अतिवृष्टि से कई रास्तों ने गधेरों का रूप धर लिया है तो पुल टूटकर नदी में बह गए हैं। 12 घंटे में यहां 107 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

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    बागेश्वर में अतिवृष्टि ने जनजीवन अस्त- व्यस्त कर दिया है।

    जागरण संवाददाता, बागेश्वर : पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार वर्षा का कहर टूट रहा है। पहले पिथौरागढ़ के धारचूला में बारिश ने मुसीबतें खड़ी की और अब बागेश्वर के कपकोट में अतिवृष्टि (heavy rain in Kapkot, Bageshwar) ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश से यहां एक पैदल पुल बह गया है। सौंग मोटर मार्ग में जगह-जगह बोल्डर गिरने से यातायात प्रभावित हो गया है। 

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    कपकोट में पिछले 12 घंटे के भीतर 107 एमएम बारिश हुई है (heavy rain in Kapkot, Bageshwar) , जिसके कारण लाथी गांव निवासी धर्मा देवी पत्नी बलवंत सिंह का आवासीय मकान ध्वस्त हो गया है। उनका घरेलू सामान मलबे में दब गया है। कपकोट और नगर पंचायत को जोड़ने वाली पुलिया बह गई है। यह पुलिया महगाड़ी गधेरे पर बनी थी। इसके साथ ही ऐठाण नहर में मलबा भर गया है। जिसके कारण पानी की आपूर्ति भी ठप हो गई है। नहर समेत गांवों के रास्ते तहस-नहस हो गए हैं। एक आवासीय मकान भी भरभरा कर गिर गया है। हालांकि अभी तक किसी प्रकार की जनहानि की पुष्टि नहीं है। मगर पांच मोटर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है।

    रास्ते में गिर रहे बड़े-बडे़ पत्थर

    सौंग-मुनार मोटर मार्ग में बोल्डर गिर रहे हैं। जगह-जगह सड़क ने गधेरों का रूप ले लिया है। यदि वर्षा का सिलसिला नहीं थमा तो नुकसान बढ़ सकता है। कपकोट के पूर्व प्रधान गणेश उपाध्याय ने बताया कि जगह-जगह पेड़ गिर गए हैं। गधेरा डायवर्ट होने से सौंग मोटर मार्ग को अधिक नुकसान हो रहा है। वहीं, दुग नाकुरी क्षेत्र में भी बारिश का सिलसिला जारी है।

    सरयू का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा

    हिमालयी गांवों में हो रही बारिश से सरयू का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। नदी रविवार की सुबह खतरे के निशान के करीब बहने लगी। जिला प्रशासन ने नदी की तरफ जाने वालों पर रोक लगा दी है। हालांकि जिले के गरुड़, बागेश्वर, काफलीगैर आदि तहसीलों में वर्षा नहीं हो रही है। तेज धूप निकलने से उमस बढ़ गई है।

    किसानों की दिक्कतें बढ़ी

    कपकोट और दुग नाकुरी क्षेत्र में औसतन वर्षा हो रही है। शुक्रवार की शाम से लेकर रविवार सुबह तक तेज बारिश हुई। जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। इन दिनों पहाड़ में जानवरों के लिए घास भंडारण का कार्य चल रहा है। किसान सुबह से लेकर ही इसे जुटाने में लगे हैं, लेकिन बारिश उनकी राह रोक रही है। इसके अलावा जिले के असिंचित भूमि में भी धान कटाई का कार्य शुरू हो गया है।

    यह सड़कें आवागमन के लिए बंद

    भयूं-गडेरा, भयूं-गुलेर, कपकोट-गैरखेत, ज्ञानधुरा, नामती-चेटाबगड़ आदि सड़कों पर भारी मात्रा में मलबा आया है। जिसके कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।

    बंद सड़कों को खोलने के लिए लोडर मशीन लगाई गई हैं। वर्षा के कारण हुए नुकसान का राजस्व पुलिस आकलन कर रही है। मौसम विभाग के अनुसार जारी अलर्ट पर कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहा है।

    -शिखा सुयाल, जिला आपदा अधिकारी।

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