हाई कोर्ट के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बीसी कांडपाल का निधन, 76 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
BC Kandpal Passes Away नैनीताल हाई कोर्ट के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बीसी कांडपाल का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह 9 फरवरी 2009 से 25 सितंबर 2009 तक तीन बार हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे। जस्टिस कांडपाल का अंतिम संस्कार बुधवार को हरिद्वार में होगा। उनके निधन से न्यायिक जगत में शोक की लहर है।

जागरण संवाददाता, नैनीताल। हाई कोर्ट के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बीसी कांडपाल का मंगलवार को 76 साल की उम्र में निधन हो गया। अंतिम संस्कार बुधवार को हरिद्वार में होगा। जस्टिस कांडपाल नौ फरवरी 2009 से आठ मार्च 2009 तक, 10 अगस्त 2009 से 16 अगस्त 2009 तक तथा 10 सितंबर 2009 से 25 सितंबर 2009 तक हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे। 16 अगस्त 2010 को वह सेवानिवृत्त हुए थे।
मूल रूप से बागेश्वर जिले के कौसानी के समीप काटली और वर्तमान में 117 राजेश्वर नगर फेज-1 देहरादून निवासी न्यायमूर्ति कांडपाल के निधन से न्यायिक जगत में शोक है। अंतिम संस्कार बुधवार को हरिद्वार के करकरी घाट पर होगा।
ऐसा रहा न्यायिक सफर
17 अगस्त 1948 को जन्मे जस्टिस कांडपाल की प्रारंभिक शिक्षा देहरादून में हुई। आगरा विश्वविद्यालय से विधि स्नातक के बाद 1976 में वह इलाहाबाद उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन में शामिल हुए। 1982 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्याय क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के सहायक शासकीय अधिवक्ता बने।
1986 में उच्च न्यायिक सेवा में शामिल हुए तथा मिर्जापुर, वाराणसी, रामपुर और कानपुर आदि स्थानों पर तैनात रहे। उत्तराखंड बनने के बाद सितंबर 2001 में देहरादून में जिला न्यायाधीश के रूप में तैनात हुई। 26 जून 2004 को नैनीताल हाईकोर्ट में अपर न्यायाधीश तथा 21 मार्च 2006 को न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए।
जांच आयोग के चेयरमैन
जस्टिस कांडपाल 2018 में उत्तराखंड बार काउंसिल के मुख्य चुनाव अधिकारी बने थे। वह राज्य में स्टर्जिया आदि घोटालों की जांच आयोग के भी चेयरमैन रहे। उनके बड़े पुत्र हिमांशु कर्नल हैं। जबकि छोटे पुत्र भूपेश नैनीताल हाई कोर्ट में अधिवक्ता। बेटी दीप्ति व दामाद भारत सरकार के पेयजल विभाग में निदेशक हैं। उनके सबसे छोटे भाई एमसी कांडपाल नैनीताल हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। सबसे छोटे भाई आरसी कांडपाल का 2010 में निधन हो गया था।
निधन पर महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत, शासकीय अधिवक्ता अमित भट्ट, उत्तराखंड बार काउंसिल के चेयरमैन महेंद्र पाल, सदस्य अर्जुन सिंह भंडारी, हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गा सिंह मेहता, महासचिव वीरेंद्र सिंह रावत,पूर्व अध्यक्ष एमसी पंत, विनोद तिवारी, संदीप तिवारी, भुवनेश जोशी, ललित बेलवाल, नदीम मून, जयवर्धन कांडपाल, कुर्बान अली, संजय भट्ट, पूरन सिंह बिष्ट, डीके शर्मा, वीबीएस नेगी आदि ने शोक जताया है।
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