पिथौरागढ़, जेएनएन : कल यानी 12 जून को यहां से प्रारंभ हो रही कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए आधार शिविर और उच्च हिमालयी पैदल पड़ावों में तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। यात्रावधि के लिए पैदल पड़ावों के लिए सामान भेजा जा रहा है। पहले दल को अंतिम भारतीय पड़ाव नावीढांग से लिपू पास के बीच बर्फ पर चलना पड़ेगा।

इस बार के भारी हिमपात से लिपूपास में अभी भी भारी बर्फ जमी है। मार्ग का निरीक्षण कर लौटे निगम के कर्मचारियों ने बताया कि बीते वर्षों में भी नावीढांग से लिपू टॉप तक बर्फ रहती थी। इस बार बीते वर्षों की अपेक्षा भारी बर्फ जमी है। लोनिवि के मजदूर यहां पर मार्ग से बर्फ हटाने में जुटे हैं, परंतु 15 हजार से लेकर लगभग 18 हजार फीट की ऊंचाई पर बर्फ के बीच कार्य करना काफी कठिन हो रहा है। बताया जा रहा है कि अभी तक ज्योलिंगकोंग में तक बर्फ नहीं पिघली है। बीते वर्षों में इस समय तक यहां की बर्फ पिघलनी शुरू  हो जाती थी।

नजंग से आगे पैदल मार्ग पर खतरनाक बने स्थलों पर कुछ स्थान पर मार्ग की मरम्मत कर सुरक्षा के इंतजाम कर लिए गए हैं। कुछ स्थानों पर कार्य चल रहा है। यात्रा दल के यहां पहुंचने तक मार्ग ठीक हो जाएगा। सोमवार को यात्रा पड़ावों के लिए सामान भेजना प्रारंभ कर दिया गया है। यात्राधिकारी दीवान सिंह बिष्ट ने नजंग पहुंच कर सामान की रवानगी की ।

दीवान सिंह बिष्ट बने यात्राधिकारी 

कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए टीआरएच धारचूला के प्रबंधक दीवान सिंह बिष्ट को यात्राधिकारी बनाया गया है, जबकि धन सिंह बिष्ट सहायक यात्राधिकारी होंगे।

तवाघाट से गर्बाधार तक भी सड़क की हालत दयनीय

कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में तवाघाट से गर्बाधार तक मोटर मार्ग की हालत भी दयनीय बनी है। बीआरओ संचालित इस सड़क के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। जिसके चलते पांगला से आगे घटियाबगड़ तक सड़क की दशा बेहद खराब है। बारिश होने पर मार्ग बंद होने के आसार बने हैं।

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Posted By: Skand Shukla