नैनीताल, [जेएनएन]: पूर्व सीएम हरीश रावत की आम पार्टी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अचानक पहुंचने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट व पूर्व सीएम के बीच सियासी शब्दवाणों का सिलसिला अभी थमा नहीं है। पूर्व सीएम के सोशल मीडिया में निशाना साधने के बाद अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पलटवार किया है। उन्होंने पूर्व सीएम का नाम नहीं लेते हुए कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले शिष्टाचार ना सिखाएं और दूसरों की चिंता करने के बजाय अपना घर देखें। 

भट्ट ने टिहरी की सांसद की पूर्व सीएम रावत से मुलाकात और नैनीताल के पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा की भाजपा से नजदीकी बढ़ने से इन्कार करते हुए कहा कि इन मुलाकातों को किसी तरह का राजनीतिक अर्थ नहीं लगाया जाना चाहिए। 

नैनीताल क्लब में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि पार्टी की जिला व मंडल कार्यकारिणी की बैठक 31 जुलाई तक पूरी कर ली जाएंगी। जबकि मोर्चा-प्रकोष्ठों की प्रदेश कार्यसमिति की संयुक्त बैठक 17 जुलाई को हरिद्वार में होगी। 

इस बैठक में केंद्रीय नेतृत्व की भी उपस्थिति रहेगी, जबकि 15 सितंबर को कौसानी में प्रदेश पदाधिकारियों तथा जिलाध्यक्षों की बैठक होगी। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को एकात्म मानववाद के पुरोधा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती बूथ स्तर तक मनाई जाएगी। 

न्यूनतम समर्थन मूल्य का फायदा दिलाएंगे 

एक सवाल के जवाब में भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर बड़ा काम किया है। पहाड़ के काश्तकारों को भी इसका लाभ दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के मसले पर कांग्रेस समाज में भ्रम फैला रही है। यह भी बताया कि 16 से 23 जुलाई तक सरकार और संगठन हरेला मनाएंगे। अल्मोड़ा के कांटली में मुख्यमंत्री पौधरोपण कर हरेला मनाएंगे। 

एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि एनएच घोटाले की जांच कर रही एसआईटी सीबीआइ जैसा ही काम कर रही है। जल्द यह खुलासा होगा कि इस घोटाले की रकम में कमीशन किसने खाया। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, वरिष्ठ नेता गोपाल रावत, आशीष कटियार, अधिवक्ता भारत मेहरा आदि मौजूद थे। 

बूथ स्तर की सुविधाओं का डेटा जुटाएगी भाजपा 

लोकसभा चुनाव में बूथ प्रबंधन को लेकर भाजपा ने ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। पार्टी 20 अगस्त से पांच सितंबर तक बूथ संपर्क महाअभियान शुरू करेगी। अभियान में प्रदेश से लेकर मंडल, जिला, ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे। जो यह पता लगाएंगे कि बूथ ईकाई सक्रिय है अथवा नहीं और बूथ लेबल की सामाजिक संरचना क्या है, पिछले लोस व विस चुनाव में पार्टी को कितना जनसमर्थन मिला था। 

इसके अलावा बूथ स्तर पर कितने कार्यकर्ताओं के पास वाहन या अन्य सुविधाएं हैं, क्या सुविधाएं दी जा सकती हैं, इसका भी खाका तैयार किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट बताते हैं कि हर संसदीय क्षेत्र में कलस्टर बनाकर शक्ति केंद्र संयोजकों के सम्मेलन होंगे।

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