जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। Cloud burst in Pithoragarh शुक्रवार की मध्य रात्रि के बाद नेपाल के लास्कु में बादल फटने से काली नदी का जलस्तर बढऩे से भारत और नेपाल में व्यापक क्षति हुई है। भारत में एक महिला और नेपाल में छह लोगों की मौत हो चुकी है। भारत और नेपाल में छह शव बरामद कर लिए गए। नेपाल में चार लोग अभी भी लापता हैं। हाईवे पर एलधारा के पास मलबा आने से धारचूला के मल्ली बाजार में सड़क पर मलबा और पानी भर गया है। वाहन मलबे में दबे हैं।

बादल फटने से आए मलबे से काली नदी का प्रवाह प्रभावित होने से बनी झील में खोतिला के व्यास नगर के लगभग पचास मकान जलमग्न हो गए। एक महिला पशुपति देवी 65 वर्ष पत्नी मन बहादुर की पानी में डूबने से मौत हो गई। महिला का शव बरामद कर लिया गया है। धारचूला खोतिला पैदल मार्ग का पुल क्षतिग्रस्त हो चुका है। रात को लोगों ने घरों से भाग कर जान बचाई । उधर मित्र राष्ट्र नेपाल में अभी तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। जिनकी शिनाख्त भी हो चुकी है।

मृतकों में महाकाली नगरपालिका के अंतर्गत वार्ड नंबर दो निवासी नंद राम बोहरा 77 वर्ष, वार्ड नंबर एक सल्ला निवासी मानमती कार्की 44 वर्ष, वार्ड नं 2 नौगांव निवासी जानकी ठगुन्ना 32 वर्ष , धनुली ठगुन्ना 15 वर्ष और मोहन राम पार्की 68 वर्ष के शव बरामद हो चुके हैं।

नेपाल के सल्ला गांव के आठ मकान मलबे में दब गए हैं। गांव निवासी वीरा ठगुन्ना गंभीर घायल है। दार्चुला के खलंगा स्थित दशरथ नगर स्कूल बह गया है। नेपाल के दुहू और महाकाली को जोडऩे वाला पैदल पुल और मोटर पुल बह गए हैं। दार्चुला से चीन सीमा तिंकर जाने वाले मार्ग पर खड़े चार वाहन बह गए हैं। तिंकर मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुका है।

पेयजल योजना निर्माण करने वाले ठेकेदार की दो लोडर मशीन और वाहनों सहित सारी सामग्री बह चुकी है। महाकाली नदी किनारे सुरक्षा के लिए बनाए गए तटबंध भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। नेपाल से मिली जानकारी के अनुसार काठमांडू से हैलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंच रही है। नेपाल में चार लोगों के अभी लापता होने की सूचना है। नेपाल के दार्चुला प्रशासन के अनुसार अभी क्षति का आंकलन किया जा रहा है। आपदा से हुई पूरी क्षति का आकंलन नहीं हो सका है। नेपाल पुलिस, प्रशासन और नेपाल सशस्त्र बल खोज एवं बचाव कार्य में जुटा है।

इधर भारत में पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व आपदा प्रबंधन टीम, राजस्व टीम राहत एवं बचाव में जुटी है। पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने बताया कि काली नदी का जलस्तर बढऩे से नदी किनारे स्थित गांवों और बाजारों में निवास करने वालों को सतर्क कर दिया गया है। प्रभावित स्थल पर एसडीएम धारचूला नंदन कुमार, एसडीएम डीडीहाट अनुराग आर्य , एसडीएम बेरीनाग एके शुक्ला खोज एवं बचाव कार्य का नेतृत्व कर रहे हैं।

रात्रि 11 बजे से लगातार वर्षा रही जारी

धारचूला: भारत नेपाल सीमा पर रात्रि 11 बजे से तेज बारिश होने लगी थी। नेपाल के लास्कु क्षेत्र में वर्षा का वेग काफी अधिक था। मौसम को देखते हुए लोग सतर्क हो गए थे। बताया जा रहा है कि रात्रि एक बजे के बाद लास्कु क्षेत्र में बादल फटा और लास्कु नाला ऊफान पर आ गया। नाले के कटाव से आए मलबे से काली नदी पर खोतिला के पास ताल बन गई। नदी का जलस्तर इस तेजी से बढ़ा की खोतिला के व्यासनगर के पचास के आसपास मकान जलमग्न हो गए। लोगों के मकानों के भाग जाने से जाने बच गई।

नेपाल में विस्फोट की आवाज से लोग जगे

शुक्रवार की रात्रि को बादल फटने के दौरान नेपाल के लास्कु क्षेत्र में जमीन से तेज आवाज निकली । गहरी निंद्रा में सो रहे लोगों की नींद खुल गई और हो हल्ला मचने लगा। तबाही को देखते हुए नेपाल के लोगोंं ने भारत के खोतिला व्यासनगर के लोगों को टार्च आदि का प्रकाश कर सावधान किया। नेपाल में लाइटों को देखते हुए व्यास नगर के कुछ लोगों को आभास हुआ । बाहर निकले तो गांव में काली नदी का पानी जमा हो रहा था। हो हल्ला मच गया जो जिस हालत में था भागने लगा। मृतका मानमती का मकान सबसे नीचे था। वह निद्रा में थी । घर के सभी लोग भाग गए और रात के अंधेरे में मानमती के भी साथ ही होना मान रहे थे परंतु सबसे पहले उसका भी मकान जलमग्न हो गया और मानमती मकान के ही जलसमाधि में लीन हो गई ।

ताल का आकार बढ़ जाता तो धारचूला नगर को खतरा हो जाता

खोतिला व्यासनगर धारचूला नगर का ही हिस्सा है। धारचूला और तपोवन के बीच स्थित खोतिला व्यासनगर में अधिकांश लोग आपदा विस्थापित हैं। धारचूला नगर से व्यासनगर को जाने वाले पैदल मार्ग का पुल क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही भी बंद है। काली नदी के रौद्र रू प को देखकर भारत और नेपाल के लोग दहशत में हैं।

कुछ वर्षो पूर्व भी नेपाल के एकला नामक स्थान पर भी बादल फटने से इसी तरह की तबाही हुई थी। दोपहर के आसपास काली नदी के जलस्तर में गिरावट आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।व्यासनगर में अधिकांश परिवार गरीब हैं। मकानों के जलमग्न होने से घरों पर रखा सारा सामान नष्ट हो चुका है। अधिकांश मकान रहने योग्य नहीं रह चुके हैं।

हेलीकॉप्टर से पहुंचाई राहत सामग्री

शुक्रवार की रात की आपदा से प्रभावित लोगों के लिए शनिवार सुबह हैलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचाई गई।दोनों देशों में राहत कार्य में हैलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है। भारत में रात की आपदा में मकानों के जलमग्न होने से प्रभावित परिवारों के पास खाने , पीने के लिए कुछ भी शेष नहीं बचा था।

वहीं धारचूला नगर में भी घटधार के पास काली नदी का कटाव जारी रहा। यहां पर बीएसएनएल टावर खतरे सहित एक मकान खतरे में आ चुका है। नेपाल में भी अपरान्ह को काठमांडू से हैलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंच चुकी है। घायलों को हैलीकॉप्टर से दार्चुला जिला अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।

तीस गाएं बही, एक को किया रेस्क्यू

धारचूला नगरपालिका की गौशाला भी क्षतिग्रस्त हुई है। गोशाला में रखी तीस के आसपास गायें बह गई हैं। एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई थी, एक गाय को रेस्क्यू कर बचाया गया। धारचूला नगर नवनिर्मित तटबंधों के चलते बच गया।

वहीं एलधारा के मलबे से रफीक की अल्टो कार, नदीम परवेज की नई मोटरसाइकिल, जितेश नेगी की मोटरसाइकिल और हुमा की स्कूटी मलबे में दब गई। मल्ली बाजार की 16 दुकानें मलबा गिरने से प्रभावित हो चुकी हैं।

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Edited By: Rajesh Verma