हरिद्वार, जेएनएन। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) और फूलन देवी हत्याकांड में दोषी करार दिए शेर सिंह राणा की राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (आरजेपी) ने हाथ मिला लिया है। यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट और आरजेपी के राष्ट्रीय संयोजक शेर सिंह राणा ने गठबंधन की औपचारिक घोषणा की। दोनों दल प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगे।

हरिद्वार में मीडिया से बातचीत करते हुए यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने कहा कि प्रदेश में अनुच्छेद 371 लागू होना चाहिए, जिससे प्रदेश में बाहरी व्यक्ति जमीन न खरीद सकें। उन्होंने कहा कि परिसीमन पहाड़ पर क्षेत्रफल के आधार पर और मैदान में जनसंख्या के आधार पर होना चाहिए।

आरजेपी के संयोजक शेर सिंह राणा ने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारेगी और उम्मीद जताई यूकेडी से गठबंधन का लाभ उन्हें दिल्ली में मिलेगा। दिल्ली में उत्तराखंड मूल के लोगों की बड़ी संख्या है। उन्होंने कहा कि आरजेपी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में आरजेपी ने कई सीटों पर दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। इस दौरान यूकेडी के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार भी मौजूद थे।

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फूलन की हत्या में जमानत पर हैं राणा

सपा सांसद व दस्यु सुंदरी फूलन देवी की हत्या में दोषी करार दिए गए शेर सिंह राणा ने 13 साल जेल में रहे। करीब ढाई साल पहले दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शेर सिंह राणा ने राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा।

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