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    हरिद्वार में एक दिन में तीन मौत पर जागा सिस्टम, हादसों का कारण जानने निकले अफसर

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 08:23 AM (IST)

    कनखल-लक्सर मार्ग पर सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत के बाद प्रशासन जागा। परिवहन, पुलिस और लोक निर्माण विभाग की टीम ने मार्ग का निरीक्षण किया। भारी वाहनों की आवाजाही और अतिक्रमण को हादसों का कारण पाया गया। टीम ने सुरक्षा समिति को भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने और मार्ग के चौड़ीकरण की सिफारिश की है।

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    परिवहन, पुलिस, लोनिवि की सयुंक्त टीम ने किया लक्सर मार्ग का निरीक्षण। प्रतीकात्‍मक

    जागरण संवाददाता, हरिद्वार। कनखल-लक्सर मार्ग पर एक ही दिन में दो सड़क हादसों में दो सगे भाइयों सहित तीन व्यक्तियों की मौत के बाद आखिरकार सिस्टम की नींद टूटी है। शनिवार को परिवहन विभाग, पुलिस, लोक निर्माण विभाग की सयुंक्त टीम ने लक्सर मार्ग पर पहुंचकर यह जानने का प्रयास किया कि दुर्घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं। सयुंक्त निरीक्षण में सामने आया कि दिन-रात भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही, अतिक्रमण से सड़कों के संकरी होने और हादसों की रोकथाम के लिए लगाए जाने वाले उपकरणों का न होना ही हादसों की रफ्तार बढ़ा रहा है। टीम की रिपोर्ट पर जल्द ही जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली सड़क सुरक्षा समिति कई फैसलों पर अंतिम मुहर लगाएगी।

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    लक्सर मार्ग पर सड़क हादसों में लगातार दुपहिया वाहन सवारों की जान जा रही है। दो दिन पहले मिस्सरपुर के समीप दो बाइकोें की भिड़ंत के बाद हादसे का शिकार हुए दो सगे भाइयों की मौत हो गई। देर शाम फिर एक हादसा हुआ और ज्वालापुर के टैंट कारोबारी की मौत हो गई। महज 12 घंटे के भीतर दो सड़क हादसों में तीन राहगीरों की मौत होने से क्षेत्रवासियों ने नाराजगी जताई। आखिरकार अधिकारियों की नींद टूटी। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शनिवार को एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा, एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा, परिवहन कर अधिकारी रविंद्र पाल सैनी, यातायात निरीक्षक संदीप नेगी, लोनिवि की सहायक अभियंता मनु सिंह की टीम ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। दुर्घटना स्थलों के साथ ही टीम ने प्रमुख मोड, चौराहों और आबादी वाले स्थानों का मुआयना किया और सड़कों की नाप-जाेख भी की।

    मार्ग पर इस कारण बढ़ रहे हादसे

    टीम ने निरीक्षण में पाया कि देशरक्षक तिराहा, बूढ़ी माता मंदिर तिराहा, राजा गार्डन तिराहा, मैंगो फार्म एस-बेंड और जियापोता क्षेत्र में यातायात का दबाव अधिक है। इन स्थानों पर दुर्घटना रोकथाम के लिए ब्लिंकर लाइटें, रंबल स्ट्रिप्स और अन्य उपाय नहीं हैं। आबादी वाले हिस्सों में भारी अतिक्रमण है। जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित होती है और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ता है। कई स्थानों पर मीडियन मार्किंग, कैट-आईज, डिलिनेटर्स और आवश्यक ट्रैफिक संकेतक क्षतिग्रस्त या गायब हैं। मार्ग की पूरी लंबाई में इनकी पुनर्स्थापना आवश्यक पाई गई।

    विद्यालयों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के पास स्पीड लिमिट, चेतावनी चिह्न और स्कूल-अग्रिम सूचना बोर्ड लगाने की ज़रूरत भी स्पष्ट रूप से सामने आई। मार्ग के किनारे स्थित स्कूलों और बस्तियों, दिन में भारी वाहनों की आवाजाही से जाम और सुरक्षा जोखिम बढ़ने को देखते हुए, निरीक्षण टीम ने सड़क सुरक्षा समिति के समक्ष सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू करने की अनुशंसा करने का निर्णय लिया है। टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण से जुड़े सभी बिंदुओं और सुझावों को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि संबंधित विभागों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के लिए निर्देशित किया जा सके।

    फिर उठी मार्ग के चौड़ीकरण की मांग

    मिस्सरपुर निवासी शिक्षाविद शिवकुमार चौहान ने एक बार मार्ग के चौड़ीकरण की मांग उठाई। जिलाधिकारी, कुंभ मेलाधिकारी और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से ये कहा जा रहा है कि लक्सर मार्ग फ़ोरलेन राजमार्ग बनने जा रहा है। लेकिन अभी तक इस मार्ग पर कुछ भी कार्य नहीं हुआ हैं। दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण इस मार्ग पर यातायात का दबाव है। मार्ग पर स्कूल, स्टोन क्रशर्स, पतंजलि फूडपार्क और सैकड़ों कारखाने हैं। जिसमें हजारों लोग कार्य करते हैं। इसलिए सुरक्षित यातायात के लिए इस मार्ग का जल्द चौड़ीकरण का कार्य होना चाहिए।

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