'पढ़ने का मन तो करता है, पर अब्बा नहीं भेजते स्कूल', कूड़ा बीन रहे बच्चे ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से कही पीड़ा
रुड़की में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट ने कूड़ा बीनते बच्चों से बात की, जिन्होंने स्कूल जाने की इच्छा जताई पर पारिवारिक मजबूरी बताई। जेएम ने तत्काल लेखपाल को उनका दाखिला कराने का निर्देश दिया। उन्होंने जन सेवा केंद्र का निरीक्षण कर रेटलिस्ट लगाने और अतिक्रमण हटाने के आदेश भी दिए। बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

रुड़की के रामपुर चुंगी पर बच्चे से बात करते ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट। जागरण
जागरण संवाददाता, रुड़की : विभिन्न स्थानों से निरीक्षण कर रामपुर चुंगी पर लौट रहे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (जेएम) दीपक रामचंद्र शेट कूड़ा बीनते हुए दो बच्चों को देखकर रुक गए। बच्चों से बातचीत करते हुए उन्होंने पूछा कि पढ़ने का मन नहीं करता है क्या। इस पर एक बच्चे ने कहा कि 'पढ़ने का मन तो बहुत करता है, पर अब्बा स्कूल नहीं भेजते हैं।
बताया कि परिवार झोपड़ी में रहता है। घर के काम में हाथ बंटाना पड़ता है। इस पर जेएम ने लेखपाल को संबंधित बच्चों के स्वजन से बात कर उनका दाखिला स्कूल में कराने के निर्देश दिए।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट रामपुर चुंगी पर जन सेवा केंद्र का निरीक्षण कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि जन सेवा केंद्र पर किसी तरह की रेटलिस्ट नहीं लगी थी। जिस पर उन्होंने रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने यहां पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर नगर निगम रुड़की एवं नगर पंचायत रामपुर के अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। यहां का निरीक्षण करने के बाद वह जब लौट रहे थे तो दो बच्चे उनको फलों की दुकानों के बाहर कूड़ा बीनते हुए मिले।
जिस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने दोनों बच्चों से बातचीत की। जिस पर उन्होंने बताया कि वह रामपुर डांडी में झोपड़ी में रहते हैं। उनके माता-पिता कूड़ा बीनने का काम करते हैं, वह भी कूड़ा बीन रहे हैं।
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