हिमाचल के स्कूलों में नए सत्र से पहले तैनात होंगे 5450 शिक्षक, पदोन्नति की प्रक्रिया भी शुरू, किस वर्ग में क्या है स्थिति?
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी जल्द दूर होगी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहले करीब 5450 नए शिक्षक मिलेंगे। खाली पड़े प्रधानाचार्य और मुख्य अध्यापकों के पदों को पदोन्नति से भरा जाएगा, जिसके लिए शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। विभिन्न श्रेणियों में शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

हिमाचल प्रदेश में नए सत्र से पहले 5450 शिक्षकों की तैनाती होगी। प्रतीकात्मक फोटो
राज्य ब्यूरो, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी जल्द दूर होगी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले ही स्कूलों को करीब 5450 नए शिक्षक मिलेंगे। वहीं स्कूलों में खाली पड़े प्रधानाचार्य व मुख्य अध्यापकों के पदों को भी पदोन्नति की प्रक्रिया के तहत भरा जाएगा। शिक्षा विभाग ने इसको लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शिक्षा मंत्री ने दिए हैं निर्देश
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि इसके लिए प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। वहीं उन्होंने राज्य चयन आयोग को भी इन पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है, ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी को जल्द दूर किया जा सकें।
प्रधानाचार्य के 825 पदों पर होगी भर्ती
स्कूलों में प्रधानाचार्य के 825 पद पद रिक्त हैं। इन पदों को पदोन्नति की प्रक्रिया के तहत भरा जा रहा है। पहले राज्य लोक सेवा आयोग इसके लिए डीपीसी करता था, लेकिन अब सचिव शिक्षा विभाग राकेश कंवर की अध्यक्षता में इसके लिए कमेटी गठित की गई है। इनमें 50 प्रतिशत पद मुख्याध्यापक व 50 प्रतिशत प्रवक्ता श्रेणी से पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे। इसी तरह मुख्याध्यापक के 247 पदों को पदोन्नति से ही भरा जाएगा।
किस श्रेणी भर्ती का क्या है स्टेटस
प्रवक्ता (स्कूल न्यू) : शिक्षा विभाग में प्रवक्ता (स्कूल न्यू) के 658 पद सीधी भर्ती और 400 पद पदोन्नति के माध्यम भर दिए हैं। 64 पदों को सीधी भर्ती से और शेष रिक्त पदों को पदोन्नति व युक्तीकरण के माध्यम से भरने की प्रक्रिया जारी है। प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा (स्कूल न्यू) के 112 पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने बारे मामला अभी विचाराधीन है। शिक्षा मंत्री ने इसके लिए विभाग को प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा है।
टीजीटी के 1318 पद भरना प्रस्तावित
शिक्षा विभाग सबसे ज्यादा पद प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (कला, मेडिकल, नान मेडिकल के भरेगा। कुल 1318 पद भरने प्रस्तावित हैं, जिसमें प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (कला) के 510, प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (नान मेडिकल) के 538 और प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (मेडिकल) के 270 पदों को विभिन्न माध्यमों से भरने बारे प्रक्रिया जारी है।
सीएंडवी में यह है स्थिति
शास्त्री के 737, भाषा अध्यापक के 31 पद सीधी भर्ती तथा अन्य पदों को जेबीटी अध्यापकों से पदोन्नति द्वारा, कला अध्यापक के 339 व पीईटी के 870, पंजाबी भाषा अध्यापक के 17 तथा उर्दू भाषा अध्यापक के 13 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। शास्त्री के पदों को भरने बारे मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है। पीईटी के पदों को भरने बारे मामला उच्च न्यायालय में लंबित है। इसलिए फिलहाल इस कार्य को रोका गया है।
सीएचटी व एचटी के भरे जा रहे 598 रिक्त पद
केंद्र मुख्य शिक्षकों (सीएचटी) और मुख्य शिक्षकों (एचटी) के रिक्त पदों को वर्तमान भर्ती एवं पदोन्नति नियमानुसार भरा जाएगा। केंद्र मुख्य शिक्षकों के 218 तथा मुख्य शिक्षकों के 598 रिक्त पदों को पदोन्नति द्वारा सुचारू रूप से भरा जा रहा है।
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जेबीटी के 1762 पद भरे जाने प्रस्तावित
कनिष्ठ बुनियादी अध्यापक (जेबीटी) के 1762 पद राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरे जाने प्रस्तावित है, जिनमें से प्रथम चरण में 600 पदों को भरने के लिए राज्य चयन आयोग द्वारा विज्ञप्ति जारी कर दी गई है। इसके अतिरिक्त दिव्यांग श्रेणी के 187 पदों के लिए अभ्यर्थियों की एक ही स्थान पर काउंसलिंग आयोजित की गई थी। यह मामला उच्च न्यायालय के समक्ष न्यायाधीन होने के कारण लंबित है।

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