हिमाचल में कब होगी पंचायत चुनाव की घोषणा, निर्वाचन आयोग के लिए क्या हैं 2 बाधाएं; पूरी प्रक्रिया में कितना वक्त लगेगा?
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की घोषणा का इंतजार है, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग को दो बड़ी बाधाएं आ रही हैं: खराब मौसम और मतदाता सूची का अपूर्ण अद्यतन। आयोग इन चुनौतियों से निपटने और जल्द ही चुनाव कराने की कोशिश कर रहा है। मतदाता सूची को अंतिम रूप देने और चुनाव प्रक्रिया को पूरा करने में लगभग एक महीने का समय लग सकता है।

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सरगमर्मियां तेज हैं। प्रतीकात्मक फोटो
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायतों और शहरी निकायों के चुनाव की घोषणा का हर वर्ग इंतजार कर रहा है। निर्वाचन आयोग चुनाव की घोषणा कब करेगा, सबकी निगाहें इसी फैसले पर टिकी हुई हैं। लेकिन निर्वाचन आयोग दो वजह से बंधा हुआ है।
आरक्षण रोस्टर और मतदाता सूचियों का अधिसूचित न होना राज्य निर्वाचन आयोग के लिए एक बड़ी बाधा बन गया है। इन प्रक्रियाओं के पूरा न होने के कारण निर्वाचन आयोग की तैयारियों पर बड़ी ब्रेक लगा दी है।
सूचियों के प्रिंटिंग में लगेगा एक सप्ताह
चुनाव तभी घोषित किए जा सकेंगे जब आरक्षण रोस्टर जारी किया जाएगा और मतदाता सूचियां अधिसूचित होने के बाद छपकर प्रस्तुत की जाएंगी। सूचियों के प्रिंटिंग में भी एक सप्ताह तक लगेगा।
आयोग कार्यालय में कम हुई हलचल
इस स्थिति के कारण निर्वाचन आयोग कार्यालय में भी हलचल कम हो गई है। कुछ दिन पहले तक जो अधिकारी चुनावी तैयारियों में व्यस्त थे, अब वे रुटीन फाइलों में लगे हुए हैं।
न्यायालय के आदेश के बाद हरकत में आएगा आयोग
अब निर्वाचन आयोग प्रदेश उच्च न्यायालय में 22 दिसंबर को अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारियों में जुटा है। आयोग अब न्यायालय में सुनवाई का इंतजार कर रहा है और उसके आदेशों के आधार पर निर्णय लेगा।
न्यायालय में होगा आपदा प्रबंधन अधिनियम व धारा 12.1 पर विचार
न्यायालय में आपदा प्रबंधन अधिनियम और धारा 12.1 पर विचार किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय प्रदेश सरकार द्वारा आठ अक्टूबर को लागू किए गए आपदा प्रबंधन अधिनियम पर चर्चा करेगा, साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा लागू की गई आदर्श चुनाव आचार संहिता की धारा 12.1 पर भी विचार होगा।
मतदाता सूचियों का ड्राफ्ट नहीं किया अधिसूचित
उपायुक्तों ने आपदा प्रबंधन अधिनियम का हवाला देते हुए मतदाता सूचियों के ड्राफ्ट को अधिसूचित नहीं किया है और आरक्षण रोस्टर जारी नहीं किया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सीमाओं में किसी भी बदलाव पर रोक लगाने के लिए धारा 12.1 लागू की है, जबकि सरकार इसे गलत मानती है।
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हम समय पर चुनाव करवाने को तैयारियां कर रहे थे। अब उच्च न्यायालय में सुनवाई के लिए जवाब तैयार कर रहे हैं। न्यायालय जो आदेश देगा, उसी के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
-अनिल खाची, आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग।
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