रवि और चतुर्ग्रही योग में शुरू हुआ नया साल, चंद्रमा व बृहस्पति की जनमानस पर रहेगी विशेष कृपा
नया साल रवि योग और चतुर्ग्रही योग में शुरू हुआ है, जिसमें धनु राशि में चार ग्रहों का संचार होगा। आचार्य राकेश शुक्ल के अनुसार, चंद्रमा और बृहस्पति की ...और पढ़ें

नव वर्ष्ज्ञ के पहले दिन मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
जागरण संवाददाता, रुड़की: नया साल रवि योग व चतुर्ग्रही योग में शुरू हुआ है। धनु राशि में चार ग्रह संचार करेंगे। चंद्रमा व बृहस्पति की जनमानस पर विशेष कृपा रहेगी।
आइआइटी रुड़की के सरस्वती मंदिर के पुजारी आचार्य राकेश शुक्ल ने बताया कि धनु राशि में सूर्य, बुध, मंगल और शुक्र की युति सुख-समृद्धि का संकेत देती है।
वहीं, चतुर्ग्रही योग बनने से पृथ्वी पर उपद्रव व राजनीतिक उथल-पुथल की भी संभावना बनी रहती है। उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में ऐसा कहा गया कि एक राशि पर जब भी चार या पांच गृह संचार करते हैं, तो पृथ्वी पर जल प्लावन व उथल-पुथल की स्थिति रहती है।
त्रयोदशी तिथि गुरुवार के दिन व रोहिणी नक्षत्र में वर्ष का प्रारंभ होगा। इसके फलस्वरूप इस बार चंद्रमा और बृहस्पति की जनमानस पर विशेष कृपा रहेगी। दो जनवरी को गजकेसरी योग बनने से कई राशियों को लाभ भी होगा।
उन्होंने बताया कि गुरु बृहस्पति की राशि में ही चार गृहों का संचार हो रहा है। यह वर्ष लोगों के लिए सामान्य रहेगा।
राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने दी नव वर्ष शुभकामनाएं
देहरादून: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने नए साल में प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की है।
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सभी क्षेत्रों में बदलाव की नई शक्ति बन कर उभरी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, प्रशासन और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में एआइ के उपयोग से कार्य अधिक सरल, तेज और प्रभावी हो सकता है।
उन्होंने कहा कि एआइ का सही और जिम्मेदार उपयोग प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यही समय है जब सभी मिलकर विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए एकजुट होकर कार्य करें।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संदेश में कहा कि उत्तराखंड की अब तक की विकास यात्रा उपलब्धियों से भरी रही है। उन्होंने कहा कि इस गौरवपूर्ण विकास यात्रा में राज्य में न केवल भौतिक प्रगति हुई है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक पहचान को भी सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य को निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर किया जाए।

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