हरिद्वार, जेएनएन। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण और योगगुरु बाबा रामदेव ने चीन पर मुंह में राम और बगल छुरी वाला रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह वक्त बात करने का नहीं चीन को मुंहतोड़ जवाब देने का है।

उन्होंने कहा कि चीन सीमा पर सेना और सरकार अपनी रणनीति के हिसाब से जवाब देगी पर, हम सब भारतीय को भी उनकी सहायता को आगे आना होगा और चीन को सबक सिखाने के लिए चीनी सामान, व्यापार, आर्थिक व्यवहार और चीनी टीवी चैनल का बहिष्कार करना होगा।

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि चीन आर्थिक, व्यापारिक और वैचारिक दृष्टि से भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है। उसे विश्व स्तर पर भारत की तरक्की रास नहीं आ रही है, इसलिए वह हर मोर्चे पर भारत के खिलाफ साजिश रचने में लगा हुआ है। आचार्य बालकृष्ण ने आह्वान किया कि देश की मजबूती के लिए हम सभी को आगे आना होगा और चीन को कड़ा सबक सिखाने को सभी को चीन का आर्थिक, सामाजिक, व्यापारिक और वैचारिक बहिष्कार करना होगा। इसके लिए अगर हमें कोई अभाव भी ङोलना पड़े तो उसके लिए भी तैयार रहना चाहिए। कहा कि चीनी सामान के साथ-साथ हमें स्वदेशी अपनाने पर जोर देना चाहिए, इससे देश आर्थिक, सामाजिक और सामरिक दृष्टि से मजबूत होगा और कोई भी देश हमें आंख नहीं दिखा पाएगा।

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वहीं, इस संबंध में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि और महामंत्री हरिगिरि ने भी भारत के सभी लोगों से अपील है कि वह चीन निर्मित सभी सामानों और वस्तुओं का विरोध करें, उसे न खरीदें और कोई भी चीनी चैनल न देखें। कहा कि भारत को चीन से किसी प्रकार का नाता नहीं रखना चाहिए, यह हमारे देश का बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि चीन और नेपाल जैसा देश आज हमें आंखें दिखा रहा है।

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