UCC लागू होने के बाद हरिद्वार में 'प्यार की बहार', लिव-इन रिलेशनशिप पंजीकरण के लिए उमड़ी भीड़
Uttarakhand News उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद हरिद्वार में विवाह तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में पंजीकरण बढ़ा है। जिले में लिव-इन रिलेशनशिप के लिए नौ आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से कुछ दस्तावेज़ों की कमी के कारण अस्वीकृत कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने समयबद्ध निस्तारण और दस्तावेजों की जांच पर जोर दिया है।
जागरण संवाददाता, हरिद्वार। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद जनपद हरिद्वार में विवाह, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप और वसीयतनामा जैसे संवेदनशील मामलों में नागरिकों की भागीदारी बढ़ी है। यूसीसी लागू होने के बाद से अब तक जिले में 6035 प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं।
जनपद में लिव-इन रिलेशनशिप के नौ आवेदन भी प्राप्त हुए हैं। हालांकि जरूरी दस्तावेज पूरे न होने के कारण इनमें तीन अस्वीकृत किए गए हैं। दो आवेदन आटो अपील में हैं, जबकि चार आवेदन अभी लंबित हैं। अभी तक किसी भी आवेदन पर लिव-इन रिलेशनशिप का प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है।
बुधवार को जिलाधिकारी डा. कर्मेन्द्र सिंह ने यूसीसी से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य की एकता और समरसता को मजबूती देने के लिए समान नागरिक संहिता लागू की गई है। इसके तहत विवाह, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप और उत्तराधिकार जैसे मामलों में पंजीकरण अनिवार्य है।
उन्होंने सभी निबंधकों और उप-निबंधकों को निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। विशेष रूप से आवेदन में संलग्न दस्तावेजों की सत्यता की जांच और आवेदकों को अधिकतम सुविधा प्रदान करने को कहा गया। यह भी कहा कि न तो किसी को गलत प्रमाणपत्र दिया जाए और न ही किसी आवेदन को गलत आधार पर निरस्त किया जाए।
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बैठक में जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, नगर आयुक्त रुड़की राकेश चंद्र तिवारी, उप जिलाधिकारी अजयवीर सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अभिषेक चौहान आदि मौजूद रहे। आवेदन की देरी पर चुकाने होंगे 2500 डीएम ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए रोस्टर जारी करते हुए उसी के अनुसार पंजीकरण कैंप आयोजित करने के लिए कहा।
उन्होंने सभी पात्र व्यक्तियों से निर्धारित पोर्टल पर आवेदन करने की अपील करते हुए कहा कि प्रारंभिक छह माह के भीतर आवेदन करने पर 250 शुल्क देय होगा, जबकि देरी पर यह राशि 2500 होगी।
आवेदनों पर स्थिति
- स्वीकृत 6035
- लंबित 764
- रिजेक्ट 528
- आटो अपील में 55
- जिन पर स्पष्टीकरण मांगा है 220
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स्वीकृत आवेदन
- विवाह पंजीकरण : 5176
- तलाक/विवाह शून्यता : 8
- वसीयतनामा एवं उत्तराधिकार पंजीकरण: 75
- पूर्व-पंजीकृत विवाह : 776
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