हरिद्वार : श्रीगीता विज्ञान आश्रम ट्रस्ट के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती ने कहा कि गुरु का स्थान भगवान से भी ऊपर होता है। कहा जो भक्त गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु और गुरु गद्दी का पूजन करते हैं उनकी सेवा सीधे भगवान को स्वीकार होती है।

राजा गार्डन स्थित हनुमत गोशाला में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में आयोजित भागवत कथा में भक्तों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि ऋषि वेदव्यास ने ही सनातन धर्म के ग्रंथों की रचना की है। इसीलिए गुरु को पारब्रह्म मानकर उनकी पूजा की जाती है, क्योंकि किसी भी व्यक्ति को आशीर्वाद मां और गुरु से ही प्राप्त होता है। उन्होंने भागवत कथा के प्रेरणादायी प्रसंगों के साथ ही भगवान की गोवर्धन लीला का भी वर्णन किया।

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