ऋषिकेश, [जेएनएन]: तीर्थनगरी ऋषिकेश के उभरते हुए पहलवान लाभांशु शर्मा ने अपने कॅरियर के पहले अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। नेपाल के काठमांडू में आयोजित हुई इंडो-नेपाल कुश्ती चैंपियनशिप में लाभांशु ने नेपाल आर्मी के पहलवान को पटखनी दी। 

काठमांडू नेपाल में सात से 10 जून तक चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। इसमें लाभांशु शर्मा ने 120 किलोग्राम भार वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व किया। राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक हासिल कर चुके पहलवान लाभांशु के कॅरियर का यह पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था। 

दैनिक जागरण से हुई बातचीत में लाभांशु शर्मा ने बताया कि चैंपियनशिप में उनका पहला मुकाबला नेपाल के पहलवान से हुआ। इसमें वह 8-0 से विजयी रहे। सेमीफाइनल में उन्होंने भूटान के पहलवान पर एकतरफा जीत (7-0) दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल मुकाबले में नेपाल आर्मी के पहलवान ने लाभांशु को चुनौती दी। रोमांचक रहे इस मुकाबले में लाभांशु ने (4-2) से जीत हासिल कर स्वर्ण पदक जीता। 

ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है लक्ष्य 

ऋषिकेश के चंद्रेश्वर नगर निवासी लाभांशु शर्मा वर्ष 2015 में राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं। नेशनल स्कूल गेम्स में उत्तराखंड को कुश्ती का पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाले लाभांशु राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती में कई पदक जीत चुके हैं। 

लाभांशु का चयन जुलाई में दुबई में होने वाली एशिया यूथ चैंपियनशिप के लिए भी हो चुका है। लाभांशु का लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण जीतना है। उन्होंने बताया कि वह 13 जून को ऋषिकेश लौटेंगे।

इसके बाद वह कुनाऊं गांव स्थित अपने कुश्ती के अखाड़े में युवाओं के लिए कैंप भी आयोजित करेंगे। उन्हें अखाड़े में कुश्ती के लिए रेसलिंग मैट की जरूरत है, इसके लिए राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

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Posted By: Bhanu