देहरादून, जेएनएन। विकासनगर में 'जीन में विविधता और उसका रोग से संबंध' को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान जेनेटिक्स जैसे कठिन और वैज्ञानिक विषय को सरल अवधारणाओं के साथ प्रस्तुत किया गया। इस दौरान छात्रों ने माइक्रोस्कोप से खुद के खून की जांच करना सीखा।  

जीनोमिक्स एंड पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन उत्तराखंड और उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र-यूसर्क के संयुक्त तत्वावधान में विकासनगर स्थित समता संस्था के परिसर में 'जीन में विविधता और उसका रोग से संबंध' विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान 12 स्कूलों के 48 छात्र-छात्राओं को प्रयोगों के साथ सरल तरीके से आनुवांशिक रोगों, उनके कारणों और निदान के बारे में बताया गया। 

कार्यशाला में बच्चों को हाथ से वैज्ञानिक उपकरणों से परीक्षण करने का मौका मिला। उन्होंने पेपर माइक्रोस्कोप से खुद खून की जांच करना भी सीखा। वहीं, कार्यशाला में दुनिया के मशहूर कैंसर रोग और जेनेटिक्स विशेषज्ञ पद्मश्री प्रो. आरके बामजई ने कहा कि थैलेसीमिया रोग से लड़ने के लिए उन्होंने और उनके साथियों ने मिलकर 2018 में गैप-हेल्थ फाउंडेशन की स्थापना की। जिसका उद्देश्य है कि उत्तराखंड में थैलेसीमिया के बारे में विस्तार से बताकर उससे बचाव की जानकारी प्रदान की जाए। 

यूसर्क के प्रोफेसर दुर्गेश पंत ने कहा कि थैलेसीमिया पर गैप फाउंडेशन और यूसर्क की यह एक अपनी तरह की विशिष्ट पहल है। डॉ. सुजाता ने बताया कि डॉक्टरों की टीम जीमोमिक्स एंड पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन के बैनर तले सरकारी स्तर पर थैलेसीमिया के निदान के लिए चलाए जाने वाले कार्यक्रमों में मदद कर रहा है। 

विकासनगर में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत 12 सरकारी स्कूलों के बच्चों का चयन कर उनको इस रोग के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। बच्चों का चयन एक-एक स्कूल में जाकर उनके साथ कार्यशालाओं के बाद किया गया।

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