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    दून के भीड़ वाले बाजार होंगे शिफ्ट, यहां पर बसाया जाएगा नया शहर Dehradun News

    By BhanuEdited By:
    Updated: Wed, 26 Jun 2019 08:40 PM (IST)

    मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि दून के भीड़ वाले बाजार को सुरक्षित और व्यवस्थित स्थानों पर बसाने की जरूरत है। इसके लिए चार हजार एकड़ लैंड बैंक की तलाश की जा रही है।

    दून के भीड़ वाले बाजार होंगे शिफ्ट, यहां पर बसाया जाएगा नया शहर Dehradun News

    देहरादून, जेएनएन। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि दून के भीड़ वाले बाजार को सुरक्षित और व्यवस्थित स्थानों पर बसाने की जरूरत है। इसके लिए चार हजार एकड़ लैंड बैंक की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि दून में अंगेलिया और ऋषिकेश के आइडीपीएल की जमीन पर नया दून बसाया जा सकता है। इसके लिए अधिकारियों को योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के पौने पांच सौ करोड़ के वर्क ऑर्डर जारी किए। कहा कि स्मार्ट नागरिकों से स्मार्ट दून की परिकल्पना साकार होगी। 

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    राजपुर रोड स्थित एक होटल में देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड का स्थापना दिवस समारोह आयोजित हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्मार्ट दून की 484.76 करोड़ की विभिन्न योजनाओं के वर्क ऑर्डर जारी किए। कहा कि हमें तीन से चार हजार एकड़ लैंड बैंक की जरूरत है। इसमें नई दून की परिकल्पना की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी योजना दून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तोहफे के रूप में दी है। 

    उन्होंने कहा कि सरकार इसके संवारने का प्रयास करेगी और आम लोगों को इसमें सहयोग देना होगा। तभी स्मार्ट दून की परिकल्पना पूरी होगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी पर 1407 करोड़ खर्च होने हैं। दो वर्ष के भीतर सभी काम शुरू हो जाएंगे। 

    इससे पहले शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि दून को स्मार्ट सिटी दूसरे शहर के लिए मॉडल के रूप में तैयार किया जाएगा। आढ़त बाजार समेत अन्य भीड़ वाले बाजार को दूसरे जगह शिफ्ट करने पर अधिकारियों ने काम करना शुरू कर दिया है। इस मौकै पर स्मार्ट सिटी के सीईओ डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने स्मार्ट सिटी की प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी। 

    समारोह में महापौर सुनील उनियाल गामा, विधायक हरबंस कपूर, गणेश जोशी, विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर समेत अन्य मौजूद रहे। 

    कोटद्वार को 500 करोड़ स्वीकृत 

    शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि दून के बाद गढ़वाल और कुमाऊं के जिलों की स्मार्ट सिटी पर काम होगा। उन्होंने बताया कि कोटद्वार के लिए 500 करोड़ की योजना को भारत सरकार ने स्वीकृत कर दिया है। इस पर जल्द काम शुरू किया जाएगा। बाकी शहरों के लिए भी प्रस्ताव भेजा जाएगा। 

    दून स्मार्ट कार्ड किया लॉन्च 

    स्मार्ट सिटी के लिए एक निजी बैंक ने नागरिकों के लिए दून स्मार्ट कार्ड योजना लॉन्च की है। सतीश कुमार, अजीत रौथाण, अजय थपलियाल, मनीष कुमार को पहला दून स्मार्ट कार्ड बांटा गया। इस कार्ड से बिजली, पानी समेत अन्य बिलों का भुगतान करने पर एक प्रतिशत छूट मिलेगी। इसके लिए शॉपिंग पर भी इस कार्ड में छूट मिलेगी। 

    बरसात के बाद संवारेंगे रिस्पना 

    मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि रिस्पना नदी को लेकर विदेश में रहने वाली दून की एक महिला वर्षों पूर्व दून में आई। रिस्पना नदी को देखकर वह महिला रोने लगी। महिला का कहना था कि जब वह दून छोड़कर गई थी तो उस समय लोग रिस्पना में नहाते थे। मगर, अब इसकी दुर्दशा हो गई है। उन्होंने कहा कि रिस्पना के लिए सरकार ने कार्ययोजना बना दी है। बरसात के बाद शिलान्यास किया जाएगा। रिस्पना संवारने के सभी काम समय पर पूरे किए जाएंगे। 

    2020 तक दून सीएनजी 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2020 तक देहरादून सीएनजी शहर में शामिल हो जाएगा। इसके लिए कार्य प्रगति पर है। दून के बाद विकासनगर, ऋषिकेश आदि कस्बों को भी सीएनजी से जोड़ा जाएगा। 

    कुंभ में काम आएगा आइसीसी सेंटर 

    मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि स्मार्ट डाटा सेंटर तथा स्मार्ट कमांड कंट्रोल सेन्टर से देहरादून के साथ ही हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ के आयोजन में भी मदद मिलेगी। महाकुंभ में इस सेंटर से सभी गतिविधियां संचालित की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को जरूरी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। 

    स्मार्ट योजना में ये प्रमुख काम होंगे

    -स्मार्ट रोड, लागत 57.49 करोड।  

    -शहर में ड्रेनेज- लागत 37.99 करोड़ 

    -मल्टीयूटीलिटी डक्ट-लागत 64.33 करोड़।

    -पेयजल पाइप लाईन, लागत 9.96 करोड़।

    -सीवर लाईन, लागत 20.77 करोड़।  

    -आइसीसीसी सेन्टर, लागत 199.78 करोड़।

    -आइटीएमएस, लागत 50 करोड़।  

    -सिटी साइनेज, लागत 18 करोड़। 

    -स्मार्ट बिन्स-वेस्ट गाडिय़ां, लागत 9.34 करोड़।

    -पापीपी मोड पर वाटर एटीएम, लागत 1.98 करोड़। 

    -स्मार्ट टॉयलेट, लागत 2.07 करोड़।  

    -स्मार्ट स्कूल्स, लागत 6.05 करोड़ 

    -एमडीडीए पार्क, लागत 7.00 करोड़। 

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