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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Weather: पश्चिमी विक्षोभ ने बदला उत्तराखंड के मौसम का मिजाज, गर्मियों में ठंड का अहसास

By Bhanu Prakash SharmaEdited By:
Published: Thu, 07 May 2020 01:07 PM (IST)

उत्तराखंड में मौसम भी अजब गजब रंग दिखा रहा है कभी तेज धूप तो कभी बारिश और ओलावृष्टि। यही नहीं ...और पढ़ें

Uttarakhand Weather: पश्चिमी विक्षोभ ने बदला उत्तराखंड के मौसम का मिजाज, गर्मियों में ठंड का अहसास
Uttarakhand Weather: पश्चिमी विक्षोभ ने बदला उत्तराखंड के मौसम का मिजाज, गर्मियों में ठंड का अहसास

देहरादून, विजय जोशी।  मौसम भी अजब गजब रंग दिखा रहा है, कभी तेज धूप तो कभी बारिश और ओलावृष्टि। यही नहीं तेज हवाओं के साथ ही हल्की बूंदाबांदी उत्तराखंड में पारे को चढ़ने नहीं दे रही है। मई का एक सप्ताह बीत चुका है और अब भी गर्मी का अहसास नहीं हो रहा है। 

दो दिन लगातार धूप खिलने के बाद बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो रहा है। जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री नीचे बना हुआ है। अप्रैल के पूरे माह में दून का अधिकतम पारा 36 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा। जबकि, सामान्य वर्षों में यह 38 या इससे अधिक भी रहा है। 

मौसम के इस अजीबो-गरीब मिजाज से विशेषज्ञ भी हैरान हैं। जबकि, बारिश ने भी इस साल अप्रैल और मई में अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने मौसम के बदले मिजाज का कारण पश्चिमी विक्षोभ के अति सक्रिय होने को बताया है। जिससे उत्तराखंड और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश और ओलावृष्टि के हालात बने हुए हैं।

मई में पहले हफ्ते में नौ साल बाद कम रहा पारा

मई और जून में गर्मी चरम पर होती है, जबकि अप्रैल में भी गर्मी बेहाल कर ही देती है। लेकिन, इस बार अप्रैल तो छोडि़ए मई के पहले सप्ताह में भी गर्मी महसूस नहीं की जा रही है। दून में 2011 के बाद यह पहला मौका है जब मई के प्रथम सप्ताह में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा है। इससे पहले 2011 में दून का मई के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 35.6 रहा था। जबकि इस बार अभी तक यह 34 डिग्री सेल्सियस भी नहीं पहुंचा है।

पहले हफ्ते में हुई साढ़े तीन गुना अधिक बारिश

इस बार मई में अब तक सामान्य से करीब साढ़े तीन गुना अधिक बारिश हो चुकी है। प्रदेश के अधिकांश इलाकों में सामान्य से कम से कम दोगुनी बारिश हुई है।

यहां हुई अधिक बारिश

शहर--------------वास्तविक---------सामान्य

देहरादून------------19.7--------------8.5

बागेश्वर------------65.7--------------8.7

हरिद्वार------------27.7--------------4.0

नैनीताल------------57.7--------------9.8

पिथौरागढ़----------68.7-------------16.7

रुद्रप्रयाग-----------45.2-------------16.0

ऊधमसिंह नगर---12.8--------------4.1

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पश्चिमी विक्षोभ बढ़ा रहा दुश्वारियां

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक इस बार पश्चिमी विक्षोभ सामान्य अधिक सक्रिय बना हुआ है। उत्तराखंड में हिमालयी श्रेणियों से टकराकर यहां बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय क्षेत्र और उत्तर पश्चिम भारत के निकटवर्ती मैदानी इलाकों प्रभावी बना हुआ है। जिसके चलते दक्षिण पश्चिम राजस्थान और आसपास चक्रवात की स्थिति बनी हुई है। पिछले वर्षो में इस दौरान केवल शुष्क चक्रवात ही उत्पन्न होते थे। जबकि, इस बार अफगानिस्तान के निकट समुद्र से ईरान तक पानी वाले बादल विकसित हो रहे हैं।

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