देहरादून, जेएनएन। नगर निगम के कमर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स में करोड़ों रुपये की हेराफेरी मामले में पैसिफिक मॉल पर नगर निगम ने वारंट चस्पा कर दिया है। मॉल प्रबंधन को 4.89 करोड़ रुपये जुर्माना देना है, जो अदालत के आदेश के बावजूद जमा नहीं कराया गया। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि मॉल प्रबंधन को चार फरवरी तक अपनी चल संपत्ति का पूरा ब्योरा देने को कहा है। अगर यह ब्योरा नहीं दिया गया तो निगम मॉल की चल संपत्तियों की नीलामी शुरू कर देगा। इससे भी जुर्माने की धनराशि पूरी नहीं होगी तो मॉल सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। 

प्रॉपर्टी टैक्स में हेराफेरी के मामले में बीते दो माह से मॉल प्रबंधन लगातार पैंतरेबाजी में जुटा हुआ है। मामले में 24 दिसंबर को सिविल जज सीनियर डिविजन की ओर से मॉल संचालकों को छह जनवरी तक जुर्माना निगम में जमा करने के आदेश दिए गए थे। फैसले के विरुद्ध संचालकों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। इस पर 20 जनवरी को नगर आयुक्त ने जुर्माने की वसूली के लिए नगर निगम से सात अधिकारियों की टीम गठित की लेकिन संचालकों ने तब भी राशि जमा नहीं कराई। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि अब निगम के पास जबरन वसूली करने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं रह गया। इसलिए गुरुवार को टीम ने पैसेफिक मॉल पर वारंट चस्पा कर दिया। 

यह है पूरा मामला 

नगर निगम की ओर से शहर में आवासीय और व्यवसायिक भवनों से सेल्फ असेसमेंट की प्रणाली के अंतर्गत प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जाता है। इसमें व्यवसायिक प्रापर्टी टैक्स में दो माह पहले बड़ी हेराफेरी पकड़ी गई थी। जांच में पाया गया कि प्रतिष्ठान संचालकों ने सेल्फ असेसमेंट में अपना एरिया काफी कम दर्शाया। असेसमेंट में हेराफेरी पर बीते माह नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने 50 बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की, तो भारी अनियमितताएं मिलीं। अनियमितता के आरोपित पंद्रह प्रतिष्ठानों को निगम की ओर से चार गुना जुर्माने संग धनराशि जमा करने के नोटिस भेजे गए थे। पैसेफिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड को 48992031 रुपये जुर्माने का नोटिस भेजा गया था। 

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पैसिफिक डेवलपमेंट के मामले में नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने खुद सुनवाई की थी, जबकि शेष मामलों में उपनगर आयुक्त सोनिया पंत ने सुनवाई की। सुनवाई में पैसेफिक मॉल में सेल्फ असेसमेंट में गड़बड़ी पाई गई थी एवं निगम की ओर से लगाया गया जुर्माना सही पाया गया था। नगर आयुक्त ने मॉल प्रबंधन को 48992031 रुपये निगम में जमा कराने के आदेश दिए थे। 

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वसूली के लिए यह है टीम 

उप नगर आयुक्त सोनिया पंत, सहायक नगर आयुक्त विजलदास बागसान, कर एवं राजस्व अधीक्षक धर्मेश पैन्यूली, सहायक अभियंता जयप्रकाश रतूड़ी, अवर अभियंता सहेंद्र सिंह नेगी, कर एवं राजस्व निरीक्षक अनिरुद्ध चौधरी और सुधा यादव। 

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Posted By: Raksha Panthari

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