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उत्तराखंड में अब जमीन और फ्लैट खरीदना हुआ महंगा, शासन ने रजिस्ट्री की फीस 50 हजार रुपये तक बढ़ाई

Published: Mon, 17 Nov 2025 09:08 PM (IST)

उत्तराखंड में सोमवार से जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री महंगी हो गई है। सरकार ने रजिस्ट्रेशन शुल्क को 25 हजार ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. प्रदेश में 10 वर्ष बाद 25 हजार से बढ़ाकर दोगुना किया गया रजिस्ट्रेशन शुल्क

  2. वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने इस संबंध में सोमवार को जारी किए आदेश

राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून: प्रदेश में सोमवार से भूमि और परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री महंगी हो गई है। शासन ने रजिस्ट्रेशन शुल्क 25 हजार रुपये से बढ़ाकर अधिकतम 50 हजार रुपये कर दिया है।

रजिस्ट्रेशन शुल्क में यह वृद्धि 10 वर्ष बाद की गई है। बढ़े हुए शुल्क का उपयोग प्रदेशभर में रजिस्ट्री कार्यालयों की दशा सुधारने और उन्हें आधुनिक बनाने में किया जा सकेगा।

प्रदेश में भूमि एवं परिसंपत्ति खरीदने और उसकी रजिस्ट्री कराने पर जेब अधिक ढीली करनी पड़ेगी। सरकार गत माह सर्किल रेट बढ़ा चुकी है। अब भूमि या परिसंपत्ति की रजिस्ट्री पर लिए जाने वाले शुल्क में वृद्धि की गई है।

वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने इस संबंध में सोमवार को आदेश जारी किए। सरकार ने इससे पहले 14 सितंबर, 2015 में रजिस्ट्रेशन शुल्क 25 हजार रुपये नियत किया था।

10 वर्ष बाद इस शुल्क में वृद्धि की गई है। यद्यपि, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की भांति रजिस्ट्रेशन शुल्क एक प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया था।

सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इस प्रस्ताव से अधिक मूल्य यानी करोड़ों रुपये की परिसंपत्तियों पर रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ने की स्थिति बनती। ऐसे में इस शुल्क को बढ़ाकर 50 हजार रुपये अधिकतम रखा गया है। इससे काफी अधिक कीमत की परिसंपत्तियों पर रजिस्ट्रेशन शुल्क अधिकतम 50 हजार रुपये रहेगा।

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