Uttarakhand lockdown: जरूरतमंदों की मदद को आगे आ रहे कई संगठन, भर रहे भूखों का पेट
देश में चल रहे लॉकडाउन के बीच विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठन जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं।
देहरादून, जेएनएन। कोरोना वायरस के कारण देश में चल रहे लॉकडाउन के बीच विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठन जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। रविवार को दून के विभिन्न क्षेत्रों में जरूरतमंदों को राशन, खाने के पैकेट, चाय, बिस्किट, जूस आदि वितरित किए गए।
प्रशासन के जरिए बांटा खाना
संत राजिंदर सिंह महाराज के सानिध्य सावन कृपाल रूहानी मिशन देहरादून शाखा ने प्रशासन के जरिए जरूरतमंदों को राशन वितरित किया। 108 रविंद्र पुरी महाराज के सानिध्य में पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर के सेवादारों ने प्रशासन के जरिए खाने के पैकेट बांटे व राशन वितरित किया। इस दौरान मंदिर के दिगंबर दिनेश पुरी, रजनीश यादव, अनुराग गुप्ता, विक्की गोयल, राकेश मित्तल, अखिल गुप्ता आदि रहे।
उत्तराखंड नवनिर्माण सेना के संस्थापक और प्रदेश महासचिव सुशील कुमार ने बताया कि सांझी रसोई के माध्यम से लोगों को भोजन उपलब्ध करवा रही है। मां वैष्णो सेवा मंडल के अध्यक्ष अरुण खरबंदा ने बताया कि प्रशासन की मदद से मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक भोजन के पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं। रॉक विद्या केंद्र और यूथ पीस फाउंडेशन ने दून यूनिवर्सिटी के निकट मोथरोवाला और बटोरीवाला में राशन वितरित किया।
कैंट में बांटा राशन
समाज सेवी जोगेंद्र सिंह पुंडीर ने अखिल भारतीय देवभूमि ब्राह्मण जन सेवा समिति के सहयोग से कैंट विधानसभा क्षेत्र में मजदूर, मिस्त्री और सफाई कर्मचारियों को राशन किट पहुंचाई।
सोनिया रसोई बनी जरूरतमंदों का सहारा: प्रीतम सिंह
चुक्खूवाला वार्ड-17 में चल रही सोनिया रसोई यहां रह रहे जरूरतमंदों को सहारा दे रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने रविवार को रसोई का निरीक्षण किया और यहां तैयार किया जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन को गरीबों के लिए कठिन समय बताया। कहा कि कांग्रेस कामगारों और मजदूरों की हरसंभव मदद कर रही है।
इस दौरान उनके साथ कांग्रेस अनुसूचित जाति जनजाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार, महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा भी मौजूद रहे। लालचंद शर्मा ने बताया कि महानगर कांग्रेस की टीम चुक्खूवाला में सोनिया रसोई का संचालन कर रही है। इस रसोई के माध्यम से रोजाना पांच सौ से छह सौ जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाया जा रहा है।
कोरोना योद्धाओं को सुरक्षा किट देकर किया सम्मान
लॉकडाउन में ड्यूटी कर रहे दौ सौ पुलिसकर्मियों, होमगार्ड और सफाई कर्मियों को मसूरी विधायक गणोश जोशी ने सम्मानित किया। इस दौरान उन्हें सुरक्षा किट भी सौंपी गई। गढ़वाल टैरेस के पास कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए विधायक गणोश जोशी ने कहा कि कोरोना महामारी के खिलाफ पुलिस, होमगार्ड, डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, सफाई कर्मी और पत्रकार अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे हैं।
संगठनों के सहयोग से प्रशासन ने बांटे भोजन के पैकेट
लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद और असहाय लोगों की मदद को विभिन्न सामाजिक संगठन सहयोग कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने विभिन्न संगठनों के सहयोग से रविवार को 6370 भोजन के पैकेट वितरित किए। रविवार को मुख्य रूप से राधास्वामी सत्संग व्यास, गीता भवन, लोकायुक्त कार्यालय, अग्रवाल चैरिटेबल ट्रस्ट, गुरुद्वारा श्री गुरू अंगद देव कांवली रोड, पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर झंडाबाजार, दून यूनिवर्सिटी, ई-नेट सोल्यूशन ट्रांसपोर्टनगर, गोयल स्वीट शॉप, वेलनेस कैटर्स, सिद्धार्थ एजुकेशनल ग्रुप, होटल सॉलिटियर, दून फ्री फूड, केतन आनंद, गीता राम जयसवाल डीएल रोड चैक देहरादून, राजकुमार जिंदल नेहरू कॉलोनी, शिल्पा प्रोडक्शन सुभाषनगर ने भोजन के पैकेट उपलब्ध कराए। कुल 6370 भोजन पैकेट वितरित किए गए।
यहां बांटे भोजन के पैकेट
थाना पटेलनगर में 600, इंदिरा नगर चौकी में 400, गोविंदगढ़ में 90, दीपनगर में 900, कांवली बस्ती में 200, चकशाह नगर में 1200, हैप्पी एनक्लेव में 350, जाखन में 60, बालावाला में 180, ब्रह्मपुरी में 80, नंदा की चौकी में 600, कोटणा संतोर में 150, बाईपास चौकी में 150, छह नंबर पुलिया में 20, नवादा में 55, बंजारावाला में 110, कारगी काली मंदिर में 135, ट्रांसपोर्टनगर में 150, चंद्रबनी में 100, चोयला में 110, गौतमकुंड में 40, नगर निगम में 180, मच्छी बाजार में 20, पटेलनगर चौकी में 100, दून चिकित्सालय में चार, किद्दूवाला में 40, मदरासी कॉलोनी में 31, जटियाना मोहल्ला में पांच, निकट साई मंदिर मोहब्बेवाला में 20, लसियाल चौक में सात इंजीनियर एनक्लेव में 30, थाना रायपुर में 200, संजय कॉलोनी वाल्मीकि बस्ती 12, शिव कॉलोनी में 20, सुद्धोवाला में 50 लीटर पानी व 50 मास्क बांटे।
दून की मंडियों में घट रहा दाल का स्टॉक
जिले की अनाज मंडियों में दाल का स्टॉक कम हो रहा है। दून में हर दिन 300 से 400 कुंतल दालों की खरीद हो रही है। शनिवार से रविवार के बीच लगभग साढ़े 300 कुंतल दाल की खरीद हुई। रविवार शाम को देहरादून आढ़त बाजार मंडी में 1459 कुंतल दाल ही शेष रह गई। हालांकि अन्य खाद्य सामग्री का स्टॉक लगातार बढ़ रहा है। वहीं, खाद्य सामग्री की आवक के हिसाब से मांग लगातार घट रही है। जिला पूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी ने बताया कि देहरादून में खाद्यान्न की लगातार आवक है। आटा, चावल आदि का स्टॉक पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। दालों की आवक भी जल्द बढ़ने वाली है। उधर, रविवार को ऑनलाइन बुकिंग के आधार पर 12750 सिलेंडर की होम डिलीवरी की गई है। जबकि आइओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल तीनों कंपनियों को मिलाकर अभी 18230 सिलेंडरों का स्टॉक दून में मौजूद है।
भगत सिंह कॉलोनी में उपलब्ध करवाया राशन
उप जिलाधिकारी सदर, जिला पूर्ति अधिकारी, सहायक निदेशक दुग्ध और पुलिस क्षेत्रधिकारी की संयुक्त टीम ने रविवार को भगत सिंह कॉलोनी क्षेत्र में 40 किलो आटा, तीन किलो चावल, 10 लीटर रिफाइंड तेल, 10 किलो दाल, 10 किलो चीनी, आठ किलो मैदा, 20 किलो बेसन, चार किलो चायपत्ती समेत दैनिक उपयोग की अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई। इसके अलावा लक्खी बाग, भगत सिंह कॉलोनी और कारगी ग्रांट में 51 घरेलू सिलेंडर भी उपलब्ध करवाए।
मंडी शुल्क माफ करने का फैसला
सरकार ने लॉकडाउन के दौरान आमजन को कुछ राहत देने के लिए मंडी शुल्क माफ करने का निर्णय लिया है। इस बाबत शासनादेश भी मंडी समिति को प्राप्त हो गया है। ऐसे में आज से फुटकर में फल-सब्जियों के दाम में कुछ गिरावट आएगी। लॉकडाउन के दौरान सरकार ने लोगों की सहूलियत के लिए फल-सब्जी से फिलहाल मंडी शुल्क न लेने का निर्णय लिया। ऐसे में फल-सब्जी के दाम में गिरावट आएगी। अब मंडी से सब्जी उठाते समय फुटकर व्यापारियों को केवल आढ़त देनी होगी, उनसे मंडी शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे उन्हें डेढ़ फीसद कम दाम में फल-सब्जी मिलेगी और बाजार में उन्हें इतना फीसद ही कम दाम पर फल-सब्जी बेचनी होगी। मंडी सचिव विजय थपलियाल ने बताया कि सोमवार से सब्जी और फल के दाम फुटकर में कुछ कम हो जाएंगे।
यह भी पढ़ें: Uttarakhand Lockdown: प्रशासन की मदद से जरूरतमंदों को पहुंचा रहे हैं मदद
सरकार के कदम का स्वागत
मंडी समिति के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने सरकार के मंडी शुल्क माफ करने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के इस संकट के समय में सरकार को राजस्व अर्जित करने से ज्यादा लोगों की सुविधा को ध्यान में रखना चाहिए। प्रदेश सरकार भी यही कर रही है। मंडी शुल्क न लिए जाने से आमजन को कुछ राहत मिलेगी।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।