यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भोली-भाली जनता को झांसे में लेने वाले साइबर ठगों की खैर नहीं, अब एक क्लिक से खुल जाएगी पूरी कुंडली
आनलाइन फ्राड के जरिये खाता खंगालने वाले साइबर ठगों की अब खैर नहीं है। पुलिस की ओर से आयोजित साइबर ...और पढ़ें

सोबन सिंह गुसांई, देहरादून। भोली-भाली जनता की मेहनत की कमाई को आनलाइन फ्राड के जरिये उड़ाने वाले साइबर ठगों की अब खैर नहीं है। पुलिस विभाग की ओर से आयोजित साइबर हैकाथन में सौम्या श्रीवास्तव व कार्तिक सेतिया ने एक ऐसे टूल का प्रदर्शन किया, जो ठगी करने वाले साइबर ठग का मोबाइल एक्सेस में लेकर उसकी पूरी जानकारी जुटा लेगा। यही नहीं, साइबर ठग ने किस जगह बैठकर ठगी की है, उसका भी आसानी से पता चल जाएगा। इसके जरिये ठग की लोकेशन भी सामने आ जाएगी। अब तक ठगी होने पर पुलिस को कई दिन तो यही पता करने में लग जाते थे कि साइबर ठग ने किस जगह बैठकर वारदात को अंजाम दिया है। साइबर ठग की लोकेशन व मोबाइल संबंधी पूरी जानकारी मिलने के बाद उसे दबोचने में भी पुलिस को आसानी होगी।
एप से खुलेगी अपराधी की क्रिमिनल हिस्ट्री
पारुल यूनिवर्सिटी गुजरात से साइबर सिक्योरिटी की पढ़ाई कर रहे मीत बिष्ट ने प्रतियोगिता के दौरान एक ऐसा एप तैयार किया, जिसमें अपराधी का नाम डालने से ही उसकी पूरी हिस्ट्री खुल जाएगी। इसके अलावा व्यक्ति की काल डिटेल रिकार्ड, फोन की डिटेल व लोकेशन भी पता लग सकेगी। यह एप भी पुलिस की विवेचना में काफी फायदेमंद साबित होगा।
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मीत बिष्ट ने बताया कि पुलिस जब अपराधी को पकड़ती है तो उसके आपराधिक इतिहास के बारे में पता करने में काफी समय लग जाता है। कई बार अपराधी की हिस्ट्री का पता नहीं लगने के कारण वह कोर्ट से छूट जाता है। एप के माध्यम से अपराधी ने किसी भी राज्य में अपराध किया होगा, उसका पता आसानी से लगाया जा सकेगा।
