v style="text-align: justify;"> देहरादून, जेएनएन। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सैन्य टुकड़ी के लिए भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित ड्रिल कोर्स का समापन शुक्रवार को हुआ। बीती 15 जुलाई से आयोजित ड्रिल कोर्स में यूएई के 20 सैनिकों ने भाग लिया था। कोर्स के समापन अवसर पर अकादमी के खेत्रपाल ऑडिटोरियम में समारोह आयोजित किया गया। 
अकादमी के समादेशक ले. जनरल एसके झा ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर संयुक्त अरब अमीरात के डिप्टी डिफेंस अटैच कर्नल फराह ऐदा हेली अल्माजुरै भी उपस्थित रहे। डेढ़ माह तक चले ड्रिल कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने पर अकादमी के समादेशक ले. जनरल झा ने यूएई की सैन्य टुकड़ी को बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागी सभी सैनिकों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न भी भेंट किए। वारंट अधिकारी अहमद मोहम्मद यूसुफ हैदर को ड्रिल पाठ्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु चयनित करते हुए ट्रॉफी प्रदान की गई। इस अवसर पर अकादमी समादेशक ने कहा कि इस पहल और सैन्य सहयोग से दोनों मित्र राष्ट्रों के बीच संबंध और मजबूत होंगे। 
बता दें, डिफेंस को-ऑपरेशन विद मिडिल ईस्ट कंट्री प्रोग्राम के तहत भारतीय सैन्य अकादमी में यूएई के सैनिकों को सैन्य प्रशिक्षण दिया गया है। यह पहला अवसर था जबकि यूएई के सैनिकों को आइएमए में इस तरह का सैन्य प्रशिक्षण दिया गया। इससे पहले वर्ष 2017 को राजपथ पर हुई गणतंत्र दिवस परेड में भारत की सशस्त्र सेनाओं के साथ ही यूएई की सैन्य टुकड़ी ने भी मार्चपास्ट में भाग लिया था। भारतीय सैन्य अकादमी में देश-प्रदेश के जेंटलमैन कैडेटों को प्री-कमीशन मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाती है। 
सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर तीस मित्र देशों के 22 सौ से अधिक जेंटलमैन कैडेट अकादमी से अब तक पास आउट हो चुके हैं। वहीं डिफेंस को-ऑपरेशन के तहत अकादमी में अब मिडिल ईस्ट व अन्य मित्र देशों के सैनिकों को भी सैन्य प्रशिक्षण दिया जा रहा है। समापन समारोह में भारतीय सैन्य अकादमी के उच्चाधिकारी, प्रशिक्षक व यूएई सेना के अधिकारी और प्रशिक्षु मौजूद रहे।

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