देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के संरक्षक त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने प्रदेश में अनुच्छेद-371 लागू करने व स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य की भूमि बाहरी व्यक्तियों को लीज पर दिए जाने का सरकार का निर्णय आत्मघाती है। उक्रांद राज्य सरकार के इस निर्णय का पुरजोर विरोध करेगा। जरूरत पडऩे पर प्रदेशव्यापी आंदोलन भी किया जाएगा।

बुधवार को लैंसडौन चौक स्थित एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता करते हुए पंवार ने कहा कि भाजपा व कांग्रेस ने बारी-बारी से सत्ता पर काबिज होकर राज्य के संसाधनों की खुली लूट की है। प्रदेश में जो खाली भूमि बची भी है अब उसको बाहरी व्यक्तियों को लुटाने पर सरकार आमादा है। कहीं न कहीं सरकार का यह कदम राज्य को बर्बादी के कगार पर पहुंचाने की साजिश है। कहा कि राज्य की भूमि को बाहरी लोगों या शरणार्थियों को किसी भी परिस्थिति में लीज पर नहीं देने दी जाएगी।

रोजगार के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि साल दर साल बेरोजगारों की फौज बढ़ती जा रही है। इसके सापेक्ष सरकार के पास इन बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए कोई नीति ही नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन का भी उन्होंने समर्थन किया है। कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का न्यूनतम मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें: पूर्व सीएम हरीश रावत से मिले भाजपा नेता, सियासत गर्माई

उन्होंने कहा कि आगामी 2026 में विस क्षेत्रों का जो परिसीमन होना है राज्य में उसका आधार भौगोलिक क्षेत्रफल होना चाहिए। नगर निगम देहरादून के विभिन्न व्यवसायों पर लाइसेंस व पंजीकरण शुल्क लगाने का भी उन्होंने विरोध किया है। कहा कि इससे व्यापारी वर्ग प्रभावित होगा। मांग की है कि जनहित में इस प्रस्ताव को जल्द निरस्त किया जाए। पत्रकार वार्ता में दल के वरिष्ठ नेता एपी जुयाल, जिलाध्यक्ष बिजय बौड़ाई, मौजूद रहे। 

यह भी पढ़ें: प्रदेश कांग्रेस के प्रकोष्ठों में भी होगा फेरबदल, मिशन 2022 की तैयारी में जुटा संगठन

 

Posted By: Sunil Negi

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस