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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

परिवहन विभाग बना रहा सहकारिता की योजना का खाका, मोटरसाइकिल टैक्सी योजना होगी शुरू

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Wed, 22 Jul 2020 08:35 PM (IST)Updated: Thu, 23 Jul 2020 07:28 AM (IST)

युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने को सहकारिता विभाग द्वारा शुरू की जा रही मोटर साइकिल योजना की नियमावली परिवहन विभाग बना रहा है।

परिवहन विभाग बना रहा सहकारिता की योजना का खाका, मोटरसाइकिल टैक्सी योजना होगी शुरू
परिवहन विभाग बना रहा सहकारिता की योजना का खाका, मोटरसाइकिल टैक्सी योजना होगी शुरू

देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने को सहकारिता विभाग द्वारा शुरू की जा रही मोटर साइकिल योजना की नियमावली परिवहन विभाग बना रहा है। इस योजना के अंतर्गत परिवहन विभाग युवाओं को मोटरसाइकिल टैक्सी के लिए सवा लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराएगा। इस योजना से 20 हजार से अधिक लोगों को लाभान्वित होने की संभावना है। 

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण देश भर में लगे लॉकडाउन के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी वापस अपने घरों को लौटे हैं। सरकार इन्हें प्रदेश में ही रोकने के लिए स्वरोजगार परक योजनाएं चला रही है। सभी विभागों को इस तरह की योजनाओं को प्राथमिकता देने को कहा गया है। इस कड़ी में सहकारिता विभाग ने मोटर साइकिल टैक्सी योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है प्रदेश में बड़ी संख्या में आने वाले सैलानी मोटरसाइकिल के जरिये यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठाना चाहते हैं। 

बसों में जगह-जगह रुकने की सहूलियत नहीं है तो टैक्सी काफी महंगी पड़ती है। ऐेसे में मोटरसाइकिल को टैक्सी के रूप में इस्तेमाल करने से पर्यटक इस ओर आकर्षित होंगे। इस योजना के अनुसार लाभार्थियों को जिला सहकारी बैंकों के माध्यम से मोटरसाइकिल खरीद को ऋण मुहैया कराया जाएगा। इसमें लाभार्थी को 60 हजार से लेकर सवा लाख रुपये तक ऋण मुहैया कराया जाना प्रस्तावित है। इसमें पहले दो साल तक कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा। इसकी प्रतिपूर्ति सरकार करेगी। 

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पहले निबंधक सहकारी समितियां को इस योजना की गाइडलाइन और नियमावली तैयार करने को कहा गया था। यह मामला व्यावसायिक परिवहन से जुड़ा हुआ है, इसलिए परिवहन विभाग को इसकी नियमावली बनाने का जिम्मा सौंपा गया है। इस पर इन दिनों परिवहन मुख्यालय में काम चल रहा है। जल्द ही इसकी नियमावली तैयार कर कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

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