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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rishikesh आने वाले पर्यटकों के हाथ लगेगी मायूसी, कई गंगा घाटों पर पुलिस ने लगाई रोक

Published: Sun, 06 Apr 2025 05:24 PM (IST)Updated: Sun, 06 Apr 2025 06:08 PM (IST)

Rishikesh Ganga Ghats ऋषिकेश आने वाले पर्यटकों के लिए बुरी खबर है। गंगा तटों पर पर्यटकों के बहने और डूबने ...और पढ़ें

Rishikesh Ganga Ghats : लक्ष्मणझूला में गंगा के संवेदनशील तटों पर पुलिस ने लगाई रोक. Jagran
Rishikesh Ganga Ghats : लक्ष्मणझूला में गंगा के संवेदनशील तटों पर पुलिस ने लगाई रोक. Jagran

HighLights

  1. गंगा में बहने व डूबने की घटनाएं बढ़ने के बाद लक्ष्मणझूला पुलिस ने चलाया विशेष अभियान
  2. पर्यटकों को गंगा के खतरे व सावधानी बरतने को जागरूक कर रही पुलिस

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। Rishikesh Ganga Ghats : गंगा तटों पर पर्यटकों के बहने व डूबने की घटनाएं बढ़ने के बाद लक्ष्मणझूला पुलिस ने पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील गंगा तट पर पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगाई है। साथ ही पुलिस ने पर्यटकों को गंगा में संभावित खतरे व विशेष सावधानी बरतने को लेकर जागरूक किया।

रविवार को लक्ष्मणझूला थानाध्यक्ष संतोष पैंथवाल के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई संवेदनशील गंगा तटों पर प्रवेश वर्जित का नोटिस लगाया। साथ ही लाउड हेलर के माध्यम से गंगा में स्नान कर रहे श्रद्धालुओं को गंगा में संभावित खतरे के बारे में आगाह किया।

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थानाध्यक्ष ने रामझूला व लक्ष्मणझूला क्षेत्र में निगरानी के लिए कई टीमें गठित की, जिन्हें रोजाना गंगा तटों में निरीक्षण कर संवेदनशील तटों पर आवाजाही रोकने व घाटों में श्रद्धालु व पर्यटकों को सावधान करने की जिम्मेदारी दी गई। थानाध्यक्ष संतोष पैंथवाल ने कहा कि एसएसपी पौड़ी लोकेश्वर सिंह के निर्देश पर लक्ष्मणझूला पुलिस पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाती रहेगी।

ऋषिकेश में गोवंशों का बढ़ा आतंक

ऋषिकेश: चारधाम यात्रा शुरू होने को है, इससे पहले यात्रा के प्रवेश द्वार ऋषिकेश में निराश्रित गोवंशों का आतंक बढ़ गया है। बीते एक महीने में शहरभर में गोवंश हमले में चार से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं, जिनमें शिवाजी नगर निवासी वरिष्ठ नागरिक की हालत गंभीर बनी हुई है।

वहीं, रोजाना मुख्य व आंतरिक मार्गों पर गोवंशों की लड़ाई देखना आम बात हो गई है। चिंता की बात है कि गोवंश शहरवासियों के साथ ही अब चारधाम यात्रियों की बी जान खतरे में पड़ सकती है। इन सबके बावजूद जिम्मेदार नगर निगम व प्रशासन गोवंशों की समस्या से निजात दिलाने में पूरी तरह नाकाम नजर आ रहा है। मुख्य व आंतरिक मार्गों में सड़क के बीचों-बींच गोवंशों को घूमते व आपसी संघर्ष करते देखा जा सकता है।

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ये गोवंश रोजाना दोपहिया सहित अन्य वाहनों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। गोवंशों को रखने व शहर से बाहर करने को लेकर नगर निगम व प्रशासान की ओर से कोई ठोस प्रबंध नहीं होने पर अब शहरवासियों का लगातार रोष बढ़ने लगा है। शहरवासी सड़क पर चलने में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।

खासकर वरिष्ठ नागरिक, महिला व बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। उन्होंने कहा कि शिकायत करने पर निगम की टीम एक-दो गोवंशों को पकड़कर खानापूर्ति कर रही है। शहरवासियों ने नगर निगम व प्रशासन से गोवंश की समस्या से निजात दिलाने को ठोस एवं स्थायी प्रबंध करने की मांग की।