यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 21, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हत्या के प्रयास में तीन दोषियों को 10-10 साल का कठोर कारावास Dehradun News
अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय शंकर राज की अदालत ने हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में तीन दोषियों को 10-10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

देहरादून, जेएनएन। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय शंकर राज की अदालत ने हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में तीन दोषियों को 10-10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें दो वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जया ठाकुर ने अदालत को बताया कि सुरेश चंद्र ने नगर कोतवाली में तहरीर दी थी कि वह अपने बेटे के साथ कार से भाई के घर करनपुर जा रहे थे। बिंदाल पुल के पास दो व्यक्तियों ने कार को रोका। इसके बाद एक व्यक्ति पिछला दरवाजा खोलकर जबरदस्ती कार में घुस गया। उसने सुरेश के सिर पर पिस्तौल रख दी। सुरेश ने सीट पर एक बैग रखा था, जिसमें होटल का कैश था। आरोपितों ने वो बैग छीन लिया। इसके बाद सामने से मोटरसाइकिल पर पुलिस वालों को आता देख दोनों शख्स बिंदाल बस्ती की ओर भाग गए।
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शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उसका साउथ नॉर्थ नाम से होटल है। इस घटना से चार-पांच दिन पहले उन्होंने राजेंद्र नाम के शख्स को होटल में काम पर रखा था। सुरेश के अनुसार उन्होंने नौकर से आइकार्ड मांगा तो उसने नहीं दिया और पता भी नहीं बताया। एक दिन पहले उन्होंने राजेंद्र को दोनों आरोपितों से बात करते देखा था। घटना वाले दिन राजेंद्र काम पर भी नहीं आया। इस संबंध में कोतवाली पुलिस ने 2012 में प्रेम सिंह, सुशील दोनों निवासी ग्योधा, कैथल (हरियाणा) और राजेंद्र निवासी पुरोला, उत्तरकाशी के खिलाफ हत्या व अपहरण के प्रयास सहित आम्र्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। तीनों को गुरुवार को अदालत ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
