देहरादून,अशोक केडियाल। पहले राउंड की काउंसलिंग पूरी होने के बाद उत्तराखंड तकनीकी    विश्वविद्यालय(यूटीयू) में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां बीटेक की 8098 सीटों में से 6400 से ज्यादा खाली रह गई हैं। साफ जाहिर है कि छात्र यूटीयू से बीटेक करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। अब दूसरे राउंड की काउंसलिंग से भी कोई खास उम्मीद नहीं की जा रही है, क्योंकि पहले राउंड की काउंसलिंग में केवल 1607 दाखिले ही हो पाए। यदि दूसरे राउंड में भी इतने ही छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया तब भी दो तिहाई सीटें खाली रह जाएंगी। अब विवि प्रशासन ने शासन को स्पॉट काउंसिलिंग के लिए पत्र भेज दिया है। 

प्रदेशभर में नौ राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में 2607 सीटें निर्धारित हैं। जबकि 24 निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में 5491 सीटें हैं। इन सभी सीटों में हर वर्ष काउंसलिंग के आधार पर सीटें भरी जाती हैं। पहले तीन राउंड काउंसलिंग का प्रावधान था, लेकिन इस वर्ष काउंसलिंग के दो ही राउंड होंगे। पहले राउंड की काउंसलिंग में सन्नाटे की अहम वजह यह है कि इस बार तकनीकी विवि की बीटेक काउंसलिंग तब शुरू हुई जब अन्य प्रदेशों और विश्वविद्यालयों में दाखिले पूरे हो चुके थे। 27 जुलाई से शुरू हुई काउंसलिंग के पहले चरण में 1920 छात्रों ने पंजीकरण कराया। इनमें से 1901 छात्रों ने च्वाइस लॉक की। पूरी काउंसलिंग केवल ऑनलाइन हो रही है। इसका शुल्क भी ऑनलाइन जमा होगा। 

सीट आवंटन की पूरी सूचना छात्रों को एसएमएस के माध्यम से दी गई। यह काउंसलिंग ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन के स्कोर के आधार पर की जा रही है। इसके अलावा तकनीकी विवि से संबद्ध प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी जेईई मेन रैंक के आधार पर सीट आवंटन किया जाता है। काउंसलिंग के लिए छात्रों को निर्धारित शुल्क जमा कराना होता है। 

पहले राउंड के बाद दाखिले की स्थिति 

-पहले राउंड मे पंजीकरण कराने वाले छात्र-1920 

-च्वाइस फिलिंग कराने वाले छात्र : 1901 

- राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में आवंटित सीट : 1408 

- निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में सीट आवंटित : 199 

- पहले राउंड में दाखिले से वंचित छात्र: 295 

- पहले राउंड के बाद निजी कॉलेज में रिक्त सीटें : 5292 

- पहले राउंड के बाद सरकारी कॉलेज में रिक्त सीटें : 1200 

दूसरे चरण के दाखिले आठ अगस्त से   

आठ अगस्त से काउंसलिंग का दूसरा चरण शुरू होगा। इसमें 11 अगस्त तक पंजीकरण, च्वाइस फिलिंग और शुल्क जमा किया जा सकेगा। 14 अगस्त को सीटें आवंटित की जाएंगी। छात्र 14 से 18 अगस्त के बीच चुने गए संस्थानों में प्रवेश ले सकेंगे। 

तो ईडब्ल्यूएस है सीटें खाली रहने का कारण   

प्रदेश में इंजीनियरिंग की काउंसलिंग पर इस साल आर्थिक आरक्षण (ईडब्ल्यूएस) भारी पड़ा। प्रदेश सरकार द्वारा इस संबंधन में निर्णय नहीं लेने से इस साल काउंसिलिंग करीब डेढ़ माह लेट से शुरू हुई। सूबे के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक के दाखिले जेईई मेन के स्कोर के आधार पर किए जाने हैं। आमतौर पर हर साल काउंसलिंग जून के पहले सप्ताह में शुरू हो जाती है लेकिन इस साल ईडब्लयूएस आरक्षण पर स्थिति स्पष्ट न होने की वजह से लटक गई है। विवि की ओर से लगातार शासन से ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर जवाब मांगा जाता रहा, लेकिन कोई निर्देश नहीं मिले। प्रदेश के होनहार दाखिले राज्य के निजी और प्रदेश से बाहर के इंजीनियङ्क्षरग कालेजों में दाखिला लेने निकल गए। 

यह भी सीट खाली रहने के कारण 

-उत्तराखंड तकनीकी विवि की ओर से इंजीनियरिंग की सीटों का राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार नहीं किया गया 

- जेईई मेन रैंक के आधार पर सीट आवंटन प्रक्रिया विवि पर लागू है। विवि राष्ट्रीय स्तर पर अन्य विवि से प्रतिस्पर्धा में नहीं है। 

प्रदेश के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज 

-डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आइटी, टनकपुर, 

-टीएचडीसी आइएचईटी टिहरी 

-नन्हीं परी एसआइटी पिथौरागढ़ 

- इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गोपेश्वर, 

- महिला प्रौद्योगिकी संस्थान देहरादून 

- गोविंद बल्लभ पंत इंजीनियरिंग कॉलेज पौड़ी 

- विपिन त्रिपाठी आइटी कॉलेज द्वाराहाट 

- कालेज ऑफ टेक्नोलॉजी पंतनगर 

- कॉलेज ऑफ बेसिक ह्यूमनिटी पंतनगर 

यूटीयू के नोडल अधिकारी डॉ. अमरीश का कहना है कि पहले राउंड की काउंसलिंग में अधिकतर छात्रों ने तीन सरकारी कॉलेज पौड़ी, द्वारहाट और पंतनगर इंजीनियरिंग कॉलेजों में ज्वाइस भरे। जिससे पहले राउंड में करीब 300 छात्र च्वाइस फिलिंग के बाद भी दाखिला नहीं ले पाए। अब यह छात्र दूसरे राउंड में आवेदन कर सकते हैं। 

यूटीयू के कुलपति के प्रो. नरेंद्र एस चौधरी ने बताया कि यूटीयू में बीटेक की काउंसलिंग पर विवि प्रशासन की पूरी नजर है। पहले राउंड की काउंसलिंग में छात्रों की संख्या अपेक्षा से कम है। दूसरे राउंड में भी ज्यादा छात्रों के आने की संभावना कम है। विवि के संगठक राजकीय इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज एवं  निजी कॉलेजों में दाखिले के लिए स्पॉट काउंसिलिंग के लिए शासन को विवि की कुलसचिव के माध्यम से पत्र भेजा गया है। ताकि बीटेक की अधिक से अधिक सीटों पर दाखिले हों। 

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Posted By: Raksha Panthari

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