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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पर्यटक जरा ध्‍यान दें! उत्‍तराखंड की इस पर्यटन नगरी में स्ट्रीट डॉग का आतंक, रोजाना 90 लोग पहुंच रहे अस्‍पताल

By Jagran NewsEdited By: Nirmala Bohra
Published: Fri, 17 Jan 2025 06:21 PM (IST)

Street Dog Attack ऋषिकेश में स्ट्रीट डॉग का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन आवारा कुत्ते ...और पढ़ें

Street Dog Attack: ऋषिकेश की गली-गली में स्ट्रीट डॉग का आतंक। फाइल फोटो
Street Dog Attack: ऋषिकेश की गली-गली में स्ट्रीट डॉग का आतंक। फाइल फोटो

HighLights

  1. उग्रसेन नगर में ट्यूशन जा रहे तेरह साल के बच्चे पर स्ट्रीट डाॅग ने किया हमला
  2. लोगों पर झपटकर घायल कर रहे हैं स्ट्रीट डाॅग

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। Street Dog Attack: शहर में स्ट्रीट डाॅग का आतंक बना हुआ है। आए दिन यह लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर देते हैं। यह समस्या एक मोहल्ले में नहीं बल्कि शहर के कमोबेश हर मोहल्ले की है। रात के समय गलियों से निकलना बेहद खतरनाक रहता है। स्ट्रीट डाॅग लोगों पर झपटकर घायल कर रहे हैं।

खेलने में उन्हें खेलते भी हैं।इतने कपड़े पहनने के बाद काफी खून निकला । सब का घर से निकलना मुश्किल हो गया। उग्रसेन नगर में भी इस तरह की समस्या लगातार बनी हुई है। स्थानीय निवासी मधु गर्ग, गौतम कुमार, एनएस राणा ने बताया कि स्ट्रीट डाॅग का आंतक बना हुआ है। आए दिन स्ट्रीट डाॅग किसी न किसी को काट देता है। जिससे लोगों में भय का माहौल बना है।

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स्ट्रीट डाॅग के कारण हो रहे आपसी विवाद

वहीं, कई मोहल्लों में स्ट्रीट डाॅग के कारण आपसी विवाद भी हो रहे हैं। स्ट्रीट डाॅग जिन घरों के सामने रहते हैं, स्ट्रीट डाॅग के काटने पर लोग उस मकान मालिक को दोषी ठहराते हैं।

शहर में स्ट्रीट डाॅग की समस्या का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि हर दिन शांति प्रपन्न शर्मा सरकारी अस्पताल में नब्बे लोगों को एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगता है। इसमें से औसत चालीस नए मरीज होते हैं। बंदर और कुत्ते के काटने पर अलग-अलग दिनों में चार इंजेक्शन लगाए जाते हैं। इसमें से स्ट्रीट डाॅग के काटने से घायल अधिक लोग पहुंचते हैं।

  • केस- 1

उग्रसेन नगर में घर से मोहल्ले में ही ट़यूशन जा रहे तेरह साल के छात्र को स्ट्रीट डाॅग ने काट लिया। बच्चे के पांव पर गहरे जख्म हो गए। आसपास के लोगों के शोर मचाने पर कुत्ता बच्चे को छोड़कर चला गया। बच्चा और उसका परिवार इससे डरा हुआ है। अभिभावक बच्चों को मोहल्ले में बच्चोंं को खेलने के लिए भेजने से भी डर रहे हैं।

  • केस-2

डीजीबीआर रोड पर कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। यहां से स्कूटी से निकल रहे गजपाल सिंह पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। वह किसी तरह स्कूटी निकालकर वहां से निकले। इस रोड पर देर शाम के समय कुत्ते अक्सर लोगों पर हमला करते हैं। इससे लोगों के लिए खतरा बना रहता है। यह आवागमन का मुख्य मार्ग है।

  • केस- 3

आशुतोषनगर निवासी अजय मोहल्ले में बने पार्क के पास से निकल रहे थे। उनके पीछे एक स्ट्रीट डाॅग आया और पांव में काट दिया। वह चिल्लाए तो आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। उसके बाद वह एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगाने के लिए अस्पताल गए। बताया कि अक्सर कुत्तों का झुंड लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर देता है। यहां स्ट्रीट डाॅग का आतंक बना हुआ है।

  • केस- 4

प्रगति विहार में लगातार स्ट्रीट डाॅग की समस्या बनी हुई है। बाहर से आने वालों पर यह अक्सर झपट जाते हैं। छोटे बच्चे इनके निशाने पर रहते हैं। दो दिन पहले साइकिल चला रहे एक बच्चे पर दो कुत्ते झपट गए। बच्चा साइकिल से गिर गया। वहां पर लोग मौजूद थे। इसलिए स्ट्रीट डाॅग हमला नहीं कर पाया। लेकिन यहां कुत्तों का आतंक बना हुआ है।

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