देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड के सभी 18 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों को श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से संबद्ध करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अगले वर्ष इन महाविद्यालयों को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से असंबद्ध कर दिया जाएगा। इनमें देहरादून के डीएवी, डीबीएस, एमकेपी और एसजीआरआर पीजी कॉलेज भी शामिल हैं। 

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने इस आशय का पत्र हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल और राज्य के प्रधान सचिव (उच्च शिक्षा) आनंद वर्धन को भेजा है। वर्तमान में प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। बीते कई वर्षों से इन महाविद्यालयों को राज्य के श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से संबद्ध करने की कवायद चल रही थी। 

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय खुद इन महाविद्यालयों को कई बार असंबद्ध करने की कोशिश कर चुका था। लेकिन, महाविद्यालयों का स्टाफ राज्य सरकार के विश्वविद्यालय से संबद्ध होने का पक्षधर नहीं था। सरकारें भी इस बारे में कोई निर्णय नहीं ले पा रही थीं। इस बार केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के समक्ष ठोस पहल की और इन महाविद्यालयों को राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध करने का आग्रह किया, जिसे केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्वीकार करते हुए संबंधित अशासकीय महाविद्यालयों को शैक्षिक सत्र 2021-22 से श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से संबद्ध करने की मंजूरी दे दी। 

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प्रदेश में छह अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय देहरादून, नौ हरिद्वार और एक-एक टिहरी, पौड़ी और ऊधमसिंह नगर में स्थित है। उधर, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से इस आशय का पत्र मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सभी अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के प्राचार्य को इस संबंध में पत्र भेज दिया गया है।

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