स्मार्ट मीटर का कमाल, एक ही दिन में 390 करोड़ रुपये के विद्युत बिल जारी
उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल तकनीक के माध्यम से बिलिंग और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार किया है। हाल ही में, ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
राज्य ब्यूरो, जागरण,देहरादून: उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के मुताबिक स्मार्ट मीटरिंग, सुदृढ़ राजस्व प्रबंधन एवं डिजिटल तकनीक का प्रभाव बिलिंग एवं उपभोक्ता सेवाओं में देखने को मिल रहा है।
निगम के प्रबंध निदेशक अनिल यादव के अनुसार यूपीसीएल ने इस माह स्मार्ट मीटरों के माध्यम से केवल एक ही दिन में 3.88 लाख उपभोक्ताओं की विद्युत खपत रीडिंग सफलतापूर्वक प्राप्त की, जिसके आधार पर लगभग 390 करोड़ रुपये के विद्युत बिल निर्गत किए गए।
यह राशि यूपीसीएल के औसत मासिक राजस्व का लगभग 45 प्रतिशत है, जो स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली की कार्यक्षमता, सटीकता एवं विश्वसनीयता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
स्मार्ट मीटरों के माध्यम से रीयल-टाइम खपत की जानकारी उपलब्ध होने से अनुमान आधारित अथवा विलंबित बिलिंग की समस्या में प्रभावी कमी आई है। स्वचालित प्रणाली के चलते मानवीय हस्तक्षेप एवं त्रुटियों में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे बिलिंग एवं राजस्व संग्रहण प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनी है। इसका सकारात्मक प्रभाव न केवल निगम की वाणिज्यिक दक्षता पर पड़ा है, बल्कि उपभोक्ताओं के विश्वास में भी वृद्धि हुई है।
उपभोक्ता सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यूपीसीएल द्वारा विद्युत बिल पंजीकृत उपभोक्ताओं को व्हाट्सएप के माध्यम से भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें समय पर बिल प्राप्त हो रहा है और भुगतान प्रक्रिया सरल, त्वरित एवं डिजिटल बन रही है। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं को अभी यह सुविधा प्राप्त नहीं हो रही है, वे यूपीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना व्हाट्सएप नंबर पंजीकृत करा सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, उपभोक्ताओं को उनके क्षेत्र में ही त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूपीसीएल द्वारा राज्य के विभिन्न जनपदों में विद्युत शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
इन शिविरों के माध्यम से बिलिंग संबंधी शिकायतों का समाधान, बकाया राशि का निस्तारण, लोड एवं कनेक्शन से जुड़े मामलों का निराकरण, स्मार्ट मीटर से संबंधित जानकारी तथा उपभोक्ता परामर्श जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर प्रदान की जा रही हैं। प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि तकनीक, प्रशासनिक दक्षता एवं उपभोक्ता संवाद के समन्वय से राज्य की विद्युत वितरण व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जाए।

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