देहरादून, राज्य ब्यूरो। एक देश और एक राशनकार्ड की मुहिम का हिस्सा बनने में उत्तराखंड को अब ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। प्रदेश में 23 लाख से ज्यादा सरकारी सस्ता खाद्यान्न उपभोक्ताओं के स्मार्ट राशनकार्ड बनाने के लिए निविदा आमंत्रित करने को राज्य निर्वाचन आयोग ने अनुमति दे दी है। आयोग से हरी झंडी मिलने के बाद खाद्य महकमा निविदा आमंत्रित करने की तैयारी में जुट गया है। खाद्य सचिव सुशील कुमार ने विभागीय अधिकारियों को राशन उपभोक्ताओं के जिलेवार डाटा शुद्धीकरण और राशनकार्डों को यूनिटवार आधार से जोड़ने का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। 

केंद्र सरकार के राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम (आरसीएमएस) को लागू करने की दिशा में उत्तराखंड तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इस योजना के तहत पूरी तरह आधार लिंक नए स्मार्ट राशनकार्ड पुराने राशनकार्डों की जगह लेंगे। इससे राशनकार्डधारकों की संख्या में फर्जीवाड़े और सरकारी सस्ते खाद्यान्न व मिट्टी तेल की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने में बड़ी कामयाबी मिल सकेगी। स्मार्ट राशनकार्ड के प्रारूप को मुख्यमंत्री का अनुमोदन मिल चुका है। नए कार्डों को बनाने के लिए राज्य सरकार ने निविदा के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर अनुमति मांगी थी। आयोग ने अनुमति दे दी। खाद्य सचिव सुशील कुमार ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि नए राशनकार्ड बनाने के लिए निविदा जल्द आमंत्रित की जाएगी। इसके लिए कसरत शुरू की गई है। 

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उन्होंने बताया कि हर राशनकार्डधारक परिवार और उसके सदस्यों को नए स्मार्ट राशनकार्ड के लिए आधार से लिंक किया जाना आवश्यक है। प्रदेश में अब 52 फीसद राशनकार्डों को आधार से लिंक किया जा चुका है। इस कार्य को तेजी से पूरा किया जाएगा। बीते एक वर्ष में आधार से लिंक करने की प्रक्रिया में सुस्ती अब दूर हो रही है। डेढ़ माह के भीतर यह 45 फीसद से बढ़कर 52 फीसद हो चुका है। साथ ही राशनकार्डधारक परिवार के डाटा का शुद्धीकरण भी किया जा रहा है। जिलाधिकारियों और जिलापूर्ति अधिकारियों को यह कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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