यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
साढ़े तीन साल में सात लाख को रोजगार से जोड़ा
देश में 2017 से 2020 तक अधीनस्थ चयन आयोग ने करीब छह हजार पदों पर चयन किया है। 2014 से ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, देहरादूनः प्रदेश में 2017 से 2020 तक अधीनस्थ चयन आयोग ने करीब छह हजार पदों पर चयन किया है। 2014 से 2017 की अवधि में मात्र 801 पदों पर चयन किया गया। वर्तमान प्रदेश सरकार ने अब तक अपने कार्यकाल में विभिन्न तरीकों से सात लाख से ज्यादा व्यक्तियों को रोजगार से जोड़ा है।
विधायी एवं संसदीय कार्यमंत्री का दायित्व संभाल रहे कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक मंगलवार को विधानसभा में नियम-58 के तहत पेश प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी से उत्पन्न स्थिति के मामले को उक्त नियम के तहत सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है। युवा दर-दर की ठोकरें खाने को विवश हैं। प्रदेश की भाजपा सरकार चुनावों के समय हर बार लाखों युवाओं को रोजगार देने की बात करती है, लेकिन यह छलावा चुनावी एजेंडे तक सीमित रहता है। वर्तमान में कोरोना महामारी की वजह से कई व्यक्तियों का रोजगार छिन गया। प्रदेश में प्रवासियों के रिवर्स पलायन से बेरोजगारी में बेतहाशा वृद्धि हुई है।
आखिर पिछली सरकार को समझ आ ही गया जवाब
कार्यस्थगन प्रस्ताव पर बोलते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार को बने हुए तीन साल से ज्यादा वक्त हो गया है। रोजगार के मामले में हालत में सुधार नहीं हुआ। उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत करीब 21 हजार युवाओं का भविष्य असुरक्षित है। बेरोजगार युवा निराश होकर गलत रास्ते पर जाने को मजबूर हैं। इस प्रस्ताव पर काजी निजामुद्दीन व मनोज रावत ने भी सरकार की नीति और नीयत पर सवाल खड़े किए। जवाब में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि अधीनस्थ चयन आयोग में इस समय सात हजार और लोक सेवा आयोग में 1147 पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है।
