ऋषिकेश,  जेएनएन। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक भारत स्वास्थ्य के क्षेत्र में दुनिया में शीर्ष पर होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2024 तक हर तीसरे लोकसभा क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना कर चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान को गति दी जाए। कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक राज्य में एक एम्स खोला जाए।

गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के दूसरे दीक्षा समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 130 करोड़ की आबादी देश पर बोझ नहीं बल्कि ताकत है। चिकित्सा के क्षेत्र में केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 60 करोड़ से अधिक लोगों को प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत सामाजिक सुरक्षा प्रदान की है। अब तक 91 लाख लोग इस योजना का लाभ भी पा चुके हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए शाह ने कहा कि अटल जी ने देश को छह एम्स की सौगात दी थी। ऋषिकेश एम्स इन्हीं में से एक है। वर्तमान सरकार ने उनके सपने को आगे बढ़ाते हुए 16 और नए एम्स के साथ देश में 22 एम्स स्थापित करने का काम किया है। चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए देश में एमबीबीएस की 29 हजार और स्नातोकोत्तर में 17 हजार सीटें बढ़ाई गई हैं। उन्होंने युवा चिकित्सकों का आह्वान किया कि अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने एम्स में प्रत्यारोपण खंड, नेत्र केंद्र, तंत्रिका विज्ञान केंद्र, कैंसर केंद्र, छात्रावास व प्रशासनिक खंड की नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एम्स ऋषिकेश की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि एम्स ऋषिकेश तेजी से सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थानों में अपनी जगह बना रहा है। उन्होंने युवा चिकित्सकों से सर्वश्रेष्ठ योगदान देने की अपील की। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में आज नए भारत का निर्माण हो रहा है। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का निर्णय हो या नागरिकता संशोधन कानून लागू करने का,  प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गृहमंत्री अमित शाह यह सब कर दिखाया। उन्होंने एम्स से निकलने वाले छात्रों को शोध व अनुसंधान के लिए प्रेरित किया। 

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड सरकार बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में लगातार काम कर रही है। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना से पूरे राज्य को आच्छादित किया गया है। समारोह को एम्स के अध्यक्ष प्रो. समीरन नंदी और निदेशक पद्मश्री प्रो. रविकांत ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, सांसद अजय भट्ट, सांसद तीरथ सिंह रावत, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, वन मंत्री हरक सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत, महापौर अनीता ममगाई, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेश बंसल, दायित्वधारी भगत राम कोठारी उपस्थित थे। 

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252 विद्यार्थियों को मिली उपाधि 

एम्स के दूसरे दीक्षांत समारोह में कुल 252 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें एमबीबीएस 2013 बैच के 73, 2014 बैच के 92, एमडी एमएस के 14, बीएससी नर्सिंग के 57 व एमएससी नर्सिग के 16 विद्यार्थी शामिल हैं।

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