देहरादून, राज्य ब्यूरो। रुड़की नगर निगम चुनाव में महापौर पद पर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी की हार को मुख्यमंत्री ने अपेक्षित नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जिताऊ से ज्यादा वरिष्ठता को ध्यान में रखा। हालांकि, यह सीख भी है कि जिताऊ को ही टिकट देना चाहिए। उन्होंने जोड़ा कि चाहे वोट ए को पड़ा हो या बी को, वोट भाजपा को ही पड़ा है।

रविवार को रुड़की नगर निगम चुनावों के नतीजे घोषित किए गए। इसमें भाजपा से बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरे गौरव गोयल ने महापौर पद पर जीत हासिल की। भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहा। इसे भाजपा की एक बड़ी रणनीतिक चूक माना गया। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस बात को स्वीकार भी किया। उन्होंने कहा कि जो नतीजे आए, वे अपेक्षित थे। 

इसे स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं है। कई बार वरिष्ठता को सम्मान देना होता है। बावजूद इसके देखा जाए तो वोट भाजपा को ही पड़ा है। यह सच है कि प्रदेश में अब भाजपा के अलावा कोई अन्य राजनीतिक दल रह नहीं गया है। हालत यह है कि अब विपक्ष अपने चुनाव चिह्न पर भी चुनाव लड़ने को तैयार नहीं है। प्रदेश में भाजपा मजबूत है और आगे भी मजबूती के साथ प्रदर्शन करेगी। विजयी महापौर गौरव गुप्ता की घर वापसी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कोई जल्दी नहीं है।

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