Coronavirus: कोरोना संदिग्ध 1.4 लाख लोगों की दोबारा हुई जांच Dehradun News
कोरोना वायरस के संक्रमण के संदिग्धों की पहचान को जिला प्रशासन की ओर से गठित टीमें सामुदायिक निगरानी में जुटी हैं। इसके तहत कुल 141979 लोगों की दोबारा पड़ताल की गई।
देहरादून, जेएनएन। कोरोना वायरस के संक्रमण के संदिग्धों की पहचान को जिला प्रशासन की ओर से गठित टीमें सामुदायिक निगरानी में जुटी हैं। इसके तहत कुल 141979 लोगों की दोबारा पड़ताल की गई।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर कोरोना वायरस संक्रमण के संदिग्ध व्यक्तियों के दैनिक सर्विलांस को शिक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। अब तक जनपद में विभिन्न टीमों की ओर से 385226 व्यक्तियों की सामुदायिक निगरानी की जा चुकी है।
इन सभी की अब दोबारा निगरानी का कार्य कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में 141979 व्यक्तियों की सामुदायिक निगरानी की गई। इसके अलावा 43 टीमों ने दूरभाष के माध्यम से 253 व्यक्तियों से संपर्क कर सामुदायिक निगरानी की। लॉकडाउन अवधि में बनाए गए 16 राहत शिविरों में ठहरे 449 व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी कांउसिलिंग की गई।
सुरक्षा उपकरण प्रदान किए
कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए तैनात कार्मिकों को सुरक्षा के लिए 96 एन-95 मास्क, 700 टिपल लेयर मास्क, 42 पीपीई किट, 130 वीटीएम वाइल और 71 सेनिटाइजर उपलब्ध कराए गए।
दून में फिर शुरू की गई रैपिड टेस्ट किट से जांच
दून में रैपिड टेस्ट दोबारा शुरू कर दिए गए हैं। बिधौली स्थित एक क्वारंटाइन सेंटर से सैंपल लिए गए। हालांकि, इस किट का इस्तेमाल केवल सर्विलांस के तौर पर किया जा रहा है। ताकि इस वायरस की जद में आए हर व्यक्ति तक पहुंचकर इसे काबू किया जा सके।
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए उत्तराखंड में लॉक किए गए क्षेत्रों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग की जा रही है। इतने बड़े पैमाने पर जांच संभव नहीं है। ऐसे में एंटीबॉडी ब्लड टेस्टिंग या रैपिड टेस्टिंग का निर्णय लिया गया था।मगर देश के कई राज्यों से रैपिड जांच किट की शिकायतें मिलने के बाद आइसीएमआर ने बुधवार को इस किट के इस्तेमाल पर दो दिन के लिए रोक लगा दी थी। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस किट की एक्यूरेसी नहीं है। आइसीएमआर ने देशभर में इसे लेकर फील्ड कर्मी भेजे हुए हैं।
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इधर, देहरादून में शुक्रवार से दोबारा रैपिड किट का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का दावा है कि इसका इस्तेमाल केवल सर्विलांस के लिए किया जा रहा है। कोरोना के जिला नोडल अधिकारी डॉ दिनेश चौहान ने बताया कि इस किट से बिधौली स्थित एक क्वारंटाइन सेंटर से 40 लोगों के सैंपल लिए। इसका इस्तेमाल डायग्नोस के लिए नहीं किया जाएगा।
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