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देहरादून, राज्य ब्यूरो। उत्तराखंड में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो गया है। त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल ने बुधवार को पेट्रोल व डीजल पर वैट पर नौ माह पहले दी गई छूट को खत्म करने का निर्णय लिया। इससे प्रदेश में पेट्रोल की कीमत में 2.50 रुपये और डीजल की कीमत में एक रुपये का इजाफा होगा। शासनादेश जारी होते ही बढ़ी कीमतें प्रदेश में लागू हो जाएंगी। 

पेट्रोल-डीजल महंगा होने से प्रदेश में अन्य वस्तुओं का महंगा होना भी तय है। मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड भवन निर्माण एवं विकास उप विधि नियम-2011 में संशोधन, बिल्डरों, कॉलोनाइजरों के साथ में सड़क के लिए भूमि देने वाले भवनस्वामी को भी राहत दी गई है। 

अन्य महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने गैरसैंण समेत आसपास के 27 गांवों में भूमि खरीद पर पाबंदी खत्म कर दी है। इससे वहां भूमि खरीददारों को राहत मिल गई है।  

प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से जनता को राहत देने के लिए सरकार ने बीती चार अक्टूबर, 2018 को आदेश जारी कर पेट्रोल पर 25 फीसद वैट या 17 रुपये जो ज्यादा हो, को कम कर 22.50 फीसद या 14.50 रुपये किया था। इसी तरह डीजल पर 17.48 फीसद वैट या 9.41 रुपये जो भी ज्यादा हो, को कम कर 13.53 फीसद या 8.40 रुपये की व्यवस्था लागू की थी। 

त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल की मुख्यमंत्री आवास पर बुधवार देर शाम तक हुई बैठक में पेट्रोल व डीजल में दी गई छूट समाप्त करने को मंजूरी दी गई। इससे पेट्रोल पर अब 25 फीसद वैट या 17 रुपये और डीजल पर 17.48 फीसद वैट या 9.41 रुपये बतौर कर की पुरानी व्यवस्था को बहाल हो गई है। 

इससे सरकारी खजाने को हर साल करीब 325 करोड़ रुपये मिल सकेंगे। राज्य में सालाना करीब 40 करोड़ लीटर पेट्रोल और करीब 90 करोड़ लीटर डीजल की खपत है। प्रदेश को पेट्रोल से तकरीबन 650 करोड़ और डीजल से करीब 800 करोड़ राजस्व हर साल मिल रहा है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार भी केंद्रीय बजट में पेट्रोल व डीजल की कीमतों में वृद्धि कर चुकी है। 

कैबिनेट फैसले 

-वैट में छूट खत्म, पेट्रोल मूल्य में 2.50 रुपये और डीजल मूल्य में एक रुपये की वृद्धि।

-गैरसैंण तहसील के आदि बदरी, सिलबाटा, पंचाली, महाचौरी पटवारी क्षेत्र के 27 गांवों में भूमि खरीद पर पाबंदी खत्म, अब भूमि खरीद सकेंगे खरीददार।

-उत्तराखंड भवन निर्माण विकास निधि विनिमय 2011 में संशोधन पर मुहर, महा योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण के भूमि देने वाले भवन स्वामी को भवनों के ऊपरी तल के विस्तार को मिलेगी अनुमति।

-भवन के आगे तीन मीटर सड़क के लिए स्थान छोडऩे पर उसका 125 प्रतिशत भवन के ऊपर विस्तार किया जा सकेगा। 

-राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध कब्जाधारकों को सिर्फ भवन का ही मिलेगा मुआवजा, 12 वर्ष का भवन का रिकॉर्ड दिखाने पर कब्जाधारक के लिए नए प्रावधान को मंजूरी।

-उत्तराखंड राजकीय प्रारंभिक शिक्षा सेवा नियमावली 2012 में संशोधन, 2019 के बाद टीईटी पास करने वाले शिक्षा मित्रों को नियुक्ति में वर्षवार वरीयता अंक देने को स्वीकृति। 

-रोकड कार्यकलापों के लिए उत्तराखंड निजी सुरक्षा अभिकरण नियमावली मंजूर, केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक बनाई गई नियमावली।

-कार्बेट में गुर्जर परिवारों के लिए विस्थापन मार्गदर्शक नियमावली को स्वीकृति, झिरना, ढेला रेंज के 57 गुर्जर परिवारों में प्रत्येक परिवार को 5 लाख परिवार रुपये व एक-एक एकड़ भूमि।

-उत्तराखंड परिवहन विभाग प्रवर्तन कर्मचारी वर्ग हेतु सेवा नियमावली में संशोधन पर मुहर।

-उत्तराखंड सचिवालय विनियमितीकरण नियमावली में संशोधन को मंजूरी, विभिन्न विभागों, निगमों, कार्यालयों के 91 कार्मिकों को सचिवालय संवर्ग में संविलियन पर मुहर। 

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Posted By: Raksha Panthari

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