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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Coronavirus: राजस्थान सरकार उत्तराखंड को दो हजार टेस्ट प्रतिदिन की मदद करने को तैयार

By Bhanu Prakash SharmaEdited By:
Published: Fri, 19 Jun 2020 09:27 AM (IST)

राजस्थान सरकार ने उत्तराखंड को कोरोना टेस्ट कराने में मदद का प्रस्ताव किया है। उत्तराखंड के कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ...और पढ़ें

Coronavirus: राजस्थान सरकार उत्तराखंड को दो हजार टेस्ट प्रतिदिन की मदद करने को तैयार
Coronavirus: राजस्थान सरकार उत्तराखंड को दो हजार टेस्ट प्रतिदिन की मदद करने को तैयार

देहरादून, राज्य ब्यूरो। राजस्थान सरकार ने उत्तराखंड को कोरोना टेस्ट कराने में मदद का प्रस्ताव किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव संगठन एवं उत्तराखंड के कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने इस संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को एक पत्र लिखा है।

वर्तमान में राज्य में कोरोना टेस्ट के साढ़े चार हजार सैंपल पेंडिंग पड़े हुए हैं। हाल ही में राज्य सरकार ने कोरोना टेस्ट के लिए दिल्ली व चंडीगढ़ से सैंपल टेस्टिंग को मदद मांगी थी, जिसके बाद दोनों ही जगह सैंपल भेजे जा रहे हैं। 

अब कांग्रेस के सचिव संगठन काजी निजामुद्दीन ने इसमें मदद की पेशकश की है। काजी कुछ समय पूर्व तक कांग्रेस के राजस्थान के सहप्रभारी रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में कोरोना टेस्टिंग के लिए काफी ज्यादा सैंपल पैंडिंग पड़े होने की जानकारी मिलने पर राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा से बात हुई। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगर उत्तराखंड सरकार चाहे तो राजस्थान सरकार प्रतिदिन दो हजार टेस्ट राजस्थान में कराने को तैयार है।

विधायक काजी निजामुद्दीन के मुताबिक उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र भेजा है। अगर उत्तराखंड सरकार राजस्थान सरकार के कोरोना सैंपल टेस्टिंग के प्रस्ताव को स्वीकार कर लेती है तो इससे राज्य को बड़ी राहत मिल सकती है।

स्वास्थ्य विभाग को 513 करोड़ स्वीकृत

शासन ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए 513 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। यह धनराशि महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के निवर्तन में रखी गई है। अपर सचिव स्वास्थ्य अरुणेंद्र सिंह चौहान द्वारा स्वास्थ्य विभाग की वचनबद्ध एवं अवचनबद्ध मदों के लिए यह धनराशि मंजूर की गई।

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शासन द्वारा जारी आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि अवमुक्त की जानी वाली धनराशि का उपयोग उन्हीं मदों में किया जाएगा जिसके लिए यह स्वीकृत की गई है। यह भी किया गया है कि इस धनराशि का का पूर्ण उपयोग हर हाल में 31 मार्च 2021 तक कर लिया जाए। इसके बाद भी कोई धनराशि अवशेष रहती है तो उसे नियमानुसार शासन को समर्पित कर दिया जाए।

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