Positive India: ऋषिकेश में निजी खर्च से जरूरतमंदों की भूख मिटा रही खाकी
ऋषिकेश कोतवाली की चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड की पुलिस चौकी भी इन दिनों सेवा की मिसाल बनी हुई है। पुलिस जरूरतमंदों के लिए भोजन तैयार कर उपलब्ध करा रहा है।
ऋषिकेश, जेएनएन। उत्तराखंड पुलिस को मित्र पुलिस यूं ही नहीं कहा जाता है। हर जरूरत के समय मित्र पुलिस का मानवीय रूप देखने को मिल जाता है। ऋषिकेश कोतवाली की चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड की पुलिस चौकी भी इन दिनों सेवा की मिसाल बनी हुई है। चौकी में तैनात स्टॉफ इन दिनों अपने खर्च से जरूरतमंदों के लिए भोजन तैयार कर उपलब्ध करा रहा है।
ऋषिकेश के चारधाम यात्रा बस टर्मिनल पर सबसे अधिक आवाजाही बनी रहती है। हालांकि इन दिनों लॉकडाउन के कारण यहां सिर्फ कुछ चौकीदार, बसों के स्टॉफ, भिक्षुक व अन्य भूले-भटके लोग यहां पहुंच रहे हैं। लॉकडाउन के कारण होटल और ढाबे बंद होने से इन लोगों को यहां भोजन नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में चौकी में तैनात उप निरीक्षक सतेंद्र भाटी सहित पुलिस के जवान शंकर, नरेंद्र रावत व आरती ने अपने निजी खर्च से इन लोगों के भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की।
चौकी के ही दूसरे कक्ष में बकायदा किचन तैयार की गई है। यहां प्रतिदिन पुलिसकर्मी स्वयं ही 30 से 40 लोगों का खाना तैयार करते हैं और अपने हाथों से यात्रा अड्डे व आसपास मौजूद जरूरतमंदों को यह भोजन बांटते हैं। दो दिनों से चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड पर फल व सब्जी की ठेलियां भी लग रही है। पुलिस की इस सेवा को देखते हुए अब सब्जी विक्रेता भी पुलिस को भोजन के लिए प्याज व टमाटर की मदद पहुंचा रहे हैं। यह सभी पुलिसकर्मी ऋषिकेश व आसपास क्षेत्र में ही अपने परिवारों के साथ रहते हैं। मगर कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते यह लोग दोपहर का भोजन घर के बजाय स्वयं भी यहीं कर रहे हैं।
मजदूरों को प्रशासन ने दिया राशन
रानीपोखरी जाखन नदी तट पर खनन कार्य में लगे मजदूरों को जिला प्रशासन की ओर से राशन उपलब्ध कराया गया। तहसीलदार रेखा आर्य ने इन जरूरतमंदों तक खाद्य सामग्री पहुंचाई। जिला प्रशासन द्वारा मजदूरों के लिए खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई है। तहसीलदार रेखा आर्य ने बताया कि रानीपोखरी जाखन नदी किनारे झुग्गी झोपड़ी डालकर रहने वाले 269 मजदूरों को चिहिनत किया गया था। जिन्हें राशन पहुंचाया गया। इसके अतिरिक्त रानीपोखरी के नागाघेर और आसपास क्षेत्र में रहने वाले मजदूरों को भी इस तरह की मदद पहुंचाई गई। तहसीलदार के द्वारा टीएचडीसी सेवा से प्राप्त खाद्य सामग्री भी ऋषिकेश के नगर और ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के मजदूर और सड़क किनारे जीवन यापन करने वालों को बांटी गई।
दिव्यांगों को मददगार बनी कोतवाली पुलिस
एम्स ऋषिकेश में पिछले पांच दिन से रुके ग्राम देवरी धुमाकोट पौड़ी के एक दिव्यांग व पीलीभीत निवासी एक लकवा ग्रस्त रोगी को भी पुलिस ने घर भेजने की व्यवस्था की। कोतवाली पुलिस के मुताबिक धुमाकोट निवासी योगम्बर सिंह (36 वर्ष) का इलाज एम्स में चल रहा है। कैंसर के कारण 18 फरवरी को एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों को उनका एक पैर काटना पड़ा था। साथ में उनकी पत्नी और तीन साल की बेटी भी यही थी। जिसे रविवार को एंबुलेंस के जरिए घर को रवाना किया गया।
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सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से एंबुलेंस का किराया और आवश्यक खर्च भी उपलब्ध कराया गया। योगम्बर सिंह की सहायता के लिए सोशल मीडिया में कई लोगों ने मदद की गुहार लगाई थी। जिस पर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने संज्ञान लेते हुए यह सब व्यवस्थाएं कराई। पुलिस ने उमरिया पीलीभीत उत्तर प्रदेश निवासी बुजुर्ग बशीर को भी आर्थिक सहायता और एंबुलेंस उपलब्ध कराकर घर के लिए रवाना किया। बशीर लकवा ग्रस्त है उन्हें बीते शनिवार को एम्स लाया गया था।
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