देहरादून, जेएनएन। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के राज्य परियोजना प्रबंधक इकाई के खाते से अज्ञात ने पौने पांच करोड़ निकालने का प्रयास किया। इसके लिए दो जाली चेक पंजाब नेशनल बैंक में लगाए गए। एसएमएस अलर्ट से यह रकम निकलने से बच गई। दो साल पहले भी इसी तरह जाली चेक से तीन करोड़ रुपये निकालने के प्रयास किए जा चुके हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग का राज्य कार्यालय सुद्धोवाला प्रेमनगर में है। पीएनबी रेसकोर्स में विभाग का खाता है। आरोप है कि 25 जुलाई को श्री सरदार सेवा संस्थान की ओर से बैंक में एक करोड़ 75 लाख का चेक आहरण के लिए लगाया गया। इस चेक के बाद श्री चक्रधर कल्याण समिति ने भी एक अगस्त 2019 को तीन करोड़ 11 हजार का चेक लगा दिया। 

बैंक ने चेक को आहरण के लिए लगाया तो इसका मैसेज उद्यमिता विकास अधिकारी रवि मलवान को गया। मैसेज देखते ही मलवान हैरान रह गए। उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। रकम निकालने से पहले ही विभाग ने पीएनबी रेसकोर्स को फोन कर खाता लॉक करने को कहा। इसके साथ ही राज्य परियोजना प्रबंधक आरती बलोदी की तरफ से पुलिस को लिखित में सूचना दी गई। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि तहरीर मिल गई है। इस आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। चेक किसने जाली बनाए और संस्थान कहां के हैं, इसकी जांच की जा रही है।

पुराने मुकदमों में ठंडी पड़ी जांच 

विभाग के अनुसार 19 अगस्त 2017 में भी महावीर इंदौर के नाम से एक करोड़ 25 लाख और इसके बाद नील कमल प्रकाशन नई दिल्ली के नाम से एक करोड़ 90 लाख रुपये के चेक प्रस्तुत किए गए थे। इस मामले में दो मुकदमे प्रेमनगर थाने में दर्ज हैं। इन मुकदमों में क्या हुआ, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। अब तीसरी घटना होने से पुलिस पुराने मामलों की भी पड़ताल करने में जुट गई है।

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